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अल्पसंख्यक का मतलब सिर्फ मुसलमानों से ही क्यों: गुलाबचंद कटारिया
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:22 AM IST
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गुलाब चंद कटारिया
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राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रचार चरम पर पहुंच चुका है और नेताओं के बयान रोज सुर्खियां बटोर रहे हैं। बयानों के इसी सिलसिले को मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहने जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि 15 करोड़ की आबादी को अल्पसंख्यक कहेंगे तो बाकी कम आबादी वाले तबकों को क्या कहा जाएगा?
कटारिया ने कहा, ये 15 करोड़ लोग रहते हैं, ये अल्पसंख्यक हैं क्या? हम छोटी छोटी जातियां आई थीं जो हिंदुस्तान की आबादी का एक फीसदी ही हैं, तो क्या हम अल्पसंख्यक हैं? हमारा तो कहीं नाम नहीं है। आप अल्पसंख्यक का मतलब केवल मुसलमानों से ही क्यों समझते हैं?
राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है और मतगणना 11 दिसंबर को होगी। इस बार भाजपा के सामने कांग्रेस कड़ी चुनौती पेश कर रही है। यहां की सियासी परंपरा कुछ ऐसी है कि हर पांच साल में सरकार बदल जाती है।
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कटारिया ने कहा, ये 15 करोड़ लोग रहते हैं, ये अल्पसंख्यक हैं क्या? हम छोटी छोटी जातियां आई थीं जो हिंदुस्तान की आबादी का एक फीसदी ही हैं, तो क्या हम अल्पसंख्यक हैं? हमारा तो कहीं नाम नहीं है। आप अल्पसंख्यक का मतलब केवल मुसलमानों से ही क्यों समझते हैं?
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राजस्थान के रण में इस बार हिंदू-मुस्लिम वाली बयानबाजियों ने जोर पकड़ा हुआ है। हिदुत्व पहले ही चुनावी मुद्दा बना हुआ है। हिंदुत्व-सॉफ्ट हिंदुत्व पर कांग्रेस-भाजपा दोनों उलझी हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ हनुमान पर बयानबाजी कर पहले ही सुर्खियां बटोर चुकी है। नेताओं के मंदिर परिक्रमा का दौर भी जोरों पर है।Ye 15 Cr log rahte hain,ye bhi alpsankhyak hain kya?Hum chhoti chhoti jatiyan aayi thi jinka 1% hi hai Hindustan ki abaadi ka to hum alpsankhyak hain?Hamara to kahin naam nahi hai.Aap alpsankhayk ka matlab keval Musalman ko hi kyun samajhte hain?: GC Kataria,Rajasthan Min (30.11) pic.twitter.com/UG4ewSJB3P
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 1, 2018
राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है और मतगणना 11 दिसंबर को होगी। इस बार भाजपा के सामने कांग्रेस कड़ी चुनौती पेश कर रही है। यहां की सियासी परंपरा कुछ ऐसी है कि हर पांच साल में सरकार बदल जाती है।