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राजस्थान चुनाव: इस सीट पर बसपा ने मंत्री के सामने खेला खादिम पर दांव
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Tue, 27 Nov 2018 05:54 PM IST
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Syed Ammad Chishti- BSP
- फोटो : SELF
राजस्थान में सत्ता की लड़ाई रोज दिलचस्प मोड़ ले रही है। भाजपा का लक्ष्य जहां हर पांच साल में सत्ताधारी पार्टी बदलने की परंपरा को तोड़ने का है वहीं कांग्रेस भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए पूरी ब्रिगेड को मैदान में उतार चुकी है। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पार्टियों ने समाज के हर वर्ग के व्यक्ति को टिकट दिया है। भाजपा ने बाड़मेर-जैसलमेर में प्रभावी हिंदू चेहरे महंत प्रतापपुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की तरह ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अजमेर उत्तर की सीट पर खादिम सैयद अम्माद चिश्ती को चुनाव में खड़ा किया है।
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चुनाव लड़ने वाले दूसरे खादिम
सैयद अम्माद चिश्ती के अनुसार उनका संबंध ख्वाजा फखरुद्दीन गुर्देजी से है। गुर्देजी ख्वाजा गरीब नवाज के साथ 1190 में अजमेर आए थे। 26 साल के सैयद अम्माद चिश्ती खादिम समुदाय के दूसरे व्यक्ति हैं जो चुनावी मैदान में हैं। 13वीं सदी के प्रख्यात ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह के इलाके में 800 परिवारों वाला खादिम समुदाय खास जगह रखता है। संरक्षक होने के नाते खादिम समुदाय ही दरगाह की सभी रस्मों को अदा करता है।
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खादिम-ए-खास के वंशज
ख्वाजा गुर्देजी, ख्वाजा गरीब नवाज के खादिम-ए-खास कहलाते थे, इस वजह से खादिम दरगाह की सभी रस्मों को अदा करके दुआ क़ुबूल करता है। मुगल बादशाह, हिंदू राजा और यहां तक की अंग्रेज भी खादिमों का बहुत सम्मान करते थे। देश के बंटवारे के वक्त कोई भी खादिम परिवार दरगाह को छोड़कर पाकिस्तान नहीं गया।
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सबसे युवा पार्षद है अम्माद चिश्ती
बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सैयद अम्माद चिश्ती अजमेर नगर निगम के सबसे युवा पार्षद हैं। अम्माद कहते हैं कि वो केवल खादिम समुदाय ही नहीं बल्कि इलाके के लोगों की उम्मीद बनकर चुनाव लड़ रहे हैं। सैयद एम. अयास चुनाव लड़ने वाले पहले खादिम थे। 1980 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर भाजपा के रमजान खान को 2,825 वोटों से हराया था।
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मायावती
- फोटो : amar ujala
मौजूदा सरकार पर लगाया बेरुखी का आरोप
'द हिंदू' अखबार से बात करते हुए अम्माद चिश्ती तारागढ़ पहाड़ी में बसे दरगाह इलाके की बदहाली के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार मानते हैं। उनका आरोप है कि घनी आबादी के इस इलाके में तीन दिनों के अंतराल पर पानी की सप्लाई होती है। साथ ही वह आरोप लगते हैं कि बिलासपुर बांध से पाइपलाइन अजमेर आनी थी मगर इसे जयपुर की तरफ मोड़ दिया गया।बसपा से पुराना रिश्ता बताते हैं खादिम
अम्माद चिश्ती बताते हैं कि दरगाह इलाके में उनके पिता शमीम चिश्ती ने बसपा को लॉन्च किया। अम्माद बसपा का टिकट पाने लखनऊ गए थे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुलाकात के दौरान उनके सामाजिक कामों को सराहा था। वह 28 नवंबर को अम्माद चिश्ती के लिए एक सभा भी कर सकती हैं। अजमेर उत्तर में 45 हजार मुस्लिम मतदाता हैं। चिश्ती का मुकाबला शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी से होगा।राजस्थान में 7 दिसंबर को सभी 200 सीटों पर मतदान होना है। चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को जारी किये जाएंगे।