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राजस्थान चुनाव: नवाबों के शहर टोंक में कांग्रेस के पायलट की भाजपा के खान से कड़ी टक्कर

Wed, 05 Dec 2018 11:57 AM IST
विनोद अग्निहोत्री, टोंक
विनोद अग्निहोत्री, टोंक Updated Wed, 05 Dec 2018 11:57 AM IST
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Tonk Vidhan Sabha election 2018 Rajasthan: Battle of Sachin pilot congress vs Yunus khan bjp
सचिन पायलट, यूनुस खान - फोटो : Amar Ujala Graphic
नवाबों के शहर टोंक में राजस्थान में कांग्रेस के कप्तान और पार्टी के युवा चेहरे सचिन पायलट को भाजपा उम्मीदवार और राज्य सरकार के मंत्री यूनुस खान से कड़ी टक्कर मिल रही है। आम बतौर पर अपने लिए बेहद सुरक्षित माने जाने वाली टोंक विधानसभा सीट का चयन कांग्रेस के पायलट ने इसलिए किया था कि चुनावी आसमान में उनका जहाज बिना किसी बाधा के ऊंची उड़ान भर सकेगा। लेकिन भाजपा ने यूनुस खान को एन वक्त पर मैदान में उतारकर मुकाबले को बेहद कड़ा बना दिया है। हालांकि यह कहना तो बेहद मुश्किल है कि मैदान कौन मारेगा, लेकिन सचिन की मुख्यमंत्री पद की दावेदारी यहां से उनकी जीत की राह आसान कर सकती है। फिर लोग कहते हैं कि जीत हार का फैसला आखिर में मुस्लिम मतदाताओं के रुख से तय होगा। 
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टोंक के एक चौराहे पर दो बुजुर्ग मिलते हैं। एक धोती और पगड़ीधारी और एक कुर्ते पायजामें में। पगड़ी धारी महाशय अपना नाम चौधरी राजेंद्र सिंह बताते हैं तो दूसरे सज्जन मास्टर रामपाल जो पेशे से शिक्षक रहे हैं। चुनाव के बारे में बात शुरू होते ही दोनों कहते हैं यूनुस खान जीतेंगे। कैसे पूछने पर जवाब होता है कि यूनुस खान ने पीडब्लूडी मंत्री रहते हुए बहुत काम कराए हैं क्षेत्र के विकास के लिए। पहले टोंक से जयपुर तक की करीब सौ किलोमीटर की दूरी तीन से चार घंटे में तय होती थी जो अब महज डेढ घंटे में तय हो जाती है। 
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क्या सचिन पायलट जो कांग्रेस सरकार बनने पर मुख्यमंत्री बन सकते हैं, उन्हें छोड़कर लोग यूनुस खान को तरजीह देंगे जो अगली बार मंत्री रहेंगे भी या नहीं, इस सवाल पर बुजुर्ग राजेंद्र सिंह कहते हैं सचिन अभी बच्चे हैं और कांग्रेस के घाघ नेता उन्हें मुख्यमंत्री बनने भी देंगे क्या। रामपाल आगे कहते है कि सचिन खुद तो भले और शरीफ हैं, लेकिन इलाके के गूजरों के दबदबे से बाकी बिरादरियां तंग हैं और उन्हें डर है कि अगर सचिन जीत गए तो दबंग गूजरों का दबदबा और बढ़ जाएगा। यह बात गैर गूजरों को भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट कर रही है। 
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राजेंद्र सिंह जो खुद जाट हैं, कहते हैं कि जाटों, बनियों, ब्राह्मणों, अनुसूचित जाति के मतदाता यूनुस के साथ हैं। लेकिन असली फैसला करीब साठ हजार मुस्लिम मतदाताओं के रुख से होगा। अगर यूनुस के हक में तीस से चालीस फीसदी मुस्लिम चले गए तो उनकी जीत पक्की है। लेकिन अगर यूनुस इतने मुस्लिम मत नहीं ले पाए तो फिर सचिन पायलट जीत जाएंगे। दोनों दावा करते हैं कि उन्हें लगता है कि मुस्लिम मतों का खासा हिस्सा यूनुस को मिलेगा, क्योंकि आखिर में बिरादरीवाद जोर पकड़ेगा। शुरुआत में यूनुस की जीत का दावा करने वाले ये दोनों शख्स बातचीत के आखिर में कहते हैं कि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता दोनों के बीच जबर्दस्त टक्कर है। 

गूजर और मुस्लिम मतदाता झुकाएंगे पलड़ा

Tonk Vidhan Sabha election 2018 Rajasthan: Battle of Sachin pilot congress vs Yunus khan bjp
सचिन पायलट बनाम यूनुस खान - फोटो : Amar Ujala
शहर में कुछ और आगे चलने पर राजेश तिवारी और अनवर खान से मुलाकात होती है। दोनों व्यापारी हैं और अच्छे दोस्त हैं। उनका मानना भी है कि कड़ी टक्कर है। लेकिन उनका झुकाव साफ तौर पर यूनुस खान की तरफ दिखता है। राजेश तिवारी खुद भी भाजपा के कार्यकर्ता हैं। अनवर खान के मुताबिक अभी मुसलमानों का रुख साफ नहीं है। वह दुविधा में हैं कि भाजपा के इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार को जिताकर भाजपा नेतृत्व को संदेश दें या फिर अपनी परंपरागत पसंद वाली कांग्रेस के साथ जाएं। 

तभी बातचीत में एक दिलचस्प सज्जन शामिल होते हैं जो अपना पूरा नाम नहीं बताते। कहते हैं उन्हें मिश्रा जी कहा जाए। मिश्रा जी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले हैं, लेकिन वर्षों से टोंक में आकर बस गए हैं। उन्हें सचिन पायलट से ज्यादा उनके इर्द गिर्द रहने वालों से परेशानी है।

मिश्रा जी के मुताबिक सचिन पायलट के साथ गूजर और मीणा हैं, जबकि शेष जातियां भाजपा के साथ हैं। मीणाओं को लुभाने के लिए भाजपा ने उनके तेज तर्रार नेता किरोड़ी लाल मीणा को टोंक भेजा है। लेकिन हाल ही में लोकसभा से इस्तीफा देकर भाजपा से कांग्रेस में गए हरीश मीणा को टिकट देकर कांग्रेस ने मीणाओं को साध रखा है। 

लेकिन शहर में और आगे बढ़ने पर तस्वीर का दूसरा रुख भी सामने आता है। चौराहे पर जोधपुर स्वीट हाउस के सामने कढ़ाई में दूध बेचने वाले के पास खासी भीड़ है। वहां बैंक में काम करने वाले दिनेश कुमार मिलते हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है और सचिन पायलट की जीत तय है। दिनेश के मुताबिक सचिन की साफ सुथरी छवि और युवा चेहरा लोगों को भा रहा है। उन्हें हर बिरादरी का समर्थन मिल रहा है। 

इसलिए टोंक में रात बीताते हैं पायलट

Tonk Vidhan Sabha election 2018 Rajasthan: Battle of Sachin pilot congress vs Yunus khan bjp
सचिन पायलट - फोटो : Twitter @SachinPilot
बातचीत चल ही रही है कि माला और तिलक धारी एक पंडितनुमा सज्जन आ जाते हैं। उम्र करीब साठ साल होगी। बेबाकी से सचिन पायलट की जीत और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने की भविष्यवाणी करते हैं। क्या आप ज्योतिषी हैं, यह पूछने पर कहते हैं कि वह पूरा टोंक विधानसभा क्षेत्र घूम रहे हैं और राजस्थान के दूसरे हिस्सों में होकर आए हैं। अपना नाम प्रहलाद जाट बताते हैं। 

यह पूछने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार का क्या असर है पंडित प्रहलाद जाट मोदी पर बरस पड़ते हैं। तभी कुछ युवक आ जाते हैं। उनमें एक रतिराम का कहना है कि नौजवान बेरोजगारी से परेशान हैं और प्रधानमंत्री से उनका मोहभंग हो चुका है। उनके दूसरे साथी हरेराम और कन्हैया कुमार दावा करते हैं कि सचिन पायलट राजस्थान में सबसे ज्यादा मतों के अंतर से जीतेंगे और मुख्यमंत्री बनेंगे।
 
कुछ और आगे बढ़ने पर हरेराम जाट, सोनू और सोहन बैरवा से बात होती है जो गूजर बनाम गैर गूजर की लड़ाई के तौर पर इस चुनावी मुकाबले को देखते हैं। वहीं खड़े अब्दुल सत्तार कहते हैं कि मुसलमानों का एकमुश्त समर्थन सचिन पायलट को है। वरिष्ठ पत्रकार रहे रिजाजुद्दीन शेख के मुताबिक यूनुस खान कायमखानी मुसलमान हैं और नागौर के रहने वाले हैं। इसलिए भी स्थानीय मुसलमानों का ज्यादा समथर्न उनके साथ नहीं है। 

टोंक में यूनुस के समथर्न में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह रोड शो कर चुके हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खास हैं यूनुस, इसलिए राजे भी यहां आ चुकी हैं। भाजपा पूरी ताकत झोंक रही है यहां। सचिन इसे समझ रहे हैं और इसीलिए पूरे राज्य में चुनाव प्रचार करने के बाद वह रोज रात टोंक आ जाते हैं और लोगों से मिलते हैं। कुल मिलाकर मुकाबला दिलचस्प है। 
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