Rajasthan: धर्मांतरण के दौरान हिंदू धार्मिक ग्रंथ को जलाने और पैरों से रौंदने का आरोप, तीन लोग गिरफ्तार
राजस्थान में बाड़मेर के बॉर्डर इलाके में हिंदू धार्मिक ग्रंथ की कॉपी जलाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। घटना 25 दिसंबर की बताई जा रही है, इसका वीडियो अब सामने आया है।
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बाड़मेर जिले में कुछ लोग धर्म-परिवर्तन करवा रहे थे। इस दौरान उन्होंने हिंदू धार्मिक ग्रंथ को जलाकर अपने पैरों से रौंद दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद हिंदू संगठन के लोग विरोध में उतर आए और आरोपियों की गिरफ्तार की मांग करने लगे।
हिंदू संगठन का आरोप है, विधायक के दबाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। फिलहाल, पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बाखासर गांव का है, यहां दो दिन पहले कुछ लोग बौद्ध धर्म अपनाने के नाम पर जन जागरूकता कार्यक्रम करने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद 10 लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया। ऐसा आरोप है कि इसके बाद लोगों ने जय भीम के नारे लगाए। साथ ही हिंदू धार्मिक ग्रंथ को को फाड़कर जला दिया, इसके बाद अधजले ग्रंथ को अपने पैरों से रौंदने लगे।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश...
इस घटनाक्रम के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो भी बनाया और इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी कर दिया। इसके बाद बाखासर गांव में ग्रामीणों के साथ हिंदूवादी संगठन विरोध प्रदर्शन करने लगे। मामले को लेकर हिंदू संगठन ने बाड़मेर कलेक्टर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए। साथ ही 24 घंटों में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
समता सैनिक दल ने किया था कार्यक्रम का आयोजन...
पुलिस की जानकारी के मुताबिक, समता सैनिक दल के अमृत धनदे, भंत कश्यप और आनंद ने बाखासर में बौद्ध धर्म की दीक्षा के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया था। यहां कुछ लोगों ने हिंदू धार्मिक ग्रंथ को जलाने का एक वीडियो भी बनाया। उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हिंदुस्तान सर्वधर्म में आस्था रखने वाला देश है। यहां प्रत्येक धर्म का सम्मान किया जाता है। मगर, इस तरह से हिंदू धार्मिक ग्रंथ का अपमान होता है, तो सनातनी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। समय रहते धार्मिक उन्माद फैलाने वाले लोगों पर कार्रवाई हो। अन्यथा सनातनी लोग बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
भागवत गीता की अब तक पुष्टि नहीं...
मामले को लेकर पुलिस का कहना है, हिंदू धार्मिक ग्रंथ भागवत गीता को जलाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, हिंदू संगठन के भूर सिंह राजपुरोहित का कहना है कि भागवत गीता जैसे हिंदू धार्मिक ग्रंथ का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। प्रशासन 24 घंटे में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। अन्यथा बाड़मेर बंद और प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मामले में बाड़मेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह जैतावत ने बताया, दो दिन पहले बाखासर क्षेत्र में अमित धनदे और कश्यप के नेतृत्व में बौद्ध धर्म की दीक्षा का कार्यक्रम था। ऐसी बात सामने आई है कि यहां कुछ लोगों ने हिंदू धार्मिक ग्रंथ की प्रतियां जला दी। पुलिस ने मामला दर्जकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। भागवत गीता जलाने की बात अब तक सामने नहीं आई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।