14 लाख का जवाब, सरकार के छूटे पसीने
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विधानसभा में शुक्रवार को एक विधायक का ऐसा भी सवाल आया, जिसका जवाब तो सरकार के पास है, लेकिन लिखित जवाब देने में सरकार के पसीने छूट रहे हैं।
सवाल का जवाब देने में ग्रामीण विकास मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने यह कहकर असमर्थता जाहिर कर दी कि इसका जवाब देने में 14 लाख रुपए का खर्च आ रहा है, जवाब 18 हजार पन्नों का है और इस सवाल का जवाब सभी विधायकों को भिजवाने में 21 लाख पेज लगेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने इस सवाल को इसी तर्क के आधार पर स्थगित कर दिया।
ये हैं सवाल, जिनका जवाब देना पड़ेगा भारी
कांग्रेस विधायक धीरज गुर्जर ने जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के गांवों में करवाए जाने वाले कामों के विवरण, प्रशासनिक मंजूरी का विवरण मांगा था।
सवाल नम्बर 1- विधानसभा क्षेत्र जहाजपुर में वर्ष 2010-11 से जून 2014 तक ग्राम पंचायत उंचा, अमरावासी, लुहारी, इटुंदा, कुराडिया, आमलदा, सरसिया, किशनगढ़. अमरगढ़, बिहाड़ा, टिटोड़ा, जागीर, बिश्निया, कोठाज, साखड़ा, सातोला का खेड़ा व बीरधोल में ग्राम पंचायतों के माध्यम से कौन-कौन से निर्माण कार्य करवाए गए हैं, विवरण सदन की मेज पर रखें।
सवाल नम्बर 2- इन ग्राम पंचायतों द्वारा करवाए गए कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति, वित्तीय स्वीकृति और एमआर की प्रति सदन की मेज पर रखें।
सवाल नम्बर 3- क्या उक्त ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, यदि हां तो उक्त शिकायतों का निस्तारण कर दिया है या नहीं? यदि नहीं, तो क्यों?