फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   poor tribal woman Sanju Devi Meena had land worth crores on her name, Income Tax department seized

एक-एक पैसे की मोहताज थी महिला, आयकर के छापे में निकली करोड़ों की मालकिन

Thu, 04 Jul 2019 08:26 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Gaurav Pandey Updated Thu, 04 Jul 2019 08:26 PM IST
विज्ञापन
poor tribal woman Sanju Devi Meena had land worth crores on her name, Income Tax department seized
सांकेतिक तस्वीर

जयपुर में आयकर विभाग की एक कार्रवाई में ऐसी सच्चाई सामने आई कि सुनने वाले हर व्यक्ति ने दांतों तले अंगुली दबा ली। दरअसल, जयपुर-दिल्ली हाईवे पर आयकर ने 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत की 64 बीघा जमीन अपने कब्जे में ली है। हैरानी की बात यह है कि इस जमीन की मालकिन आदिवासी महिला दाने-दाने को मोहताज है और उसे अपनी संपत्ति के बारे में ही पता नहीं था।

विज्ञापन


इस जमीन की मालकिन महिला का नाम संजू देवी मीणा है। आयकर विभाग ने जयपुर-दिल्ली हाईवे पर दंड गांव की इस जमीन पर अपने बैनर लगा दिए हैं। इन पर लिखा है कि संजू देवी इस जमीन की मालकिन नहीं हो सकती हैं। इसके अलावा बैनरों पर यह भी लिखवाया गया है कि बेनामी संपत्ति निषेध कानून 1998 के तहत इस जमीन को बेनामी घोषित कर आयकर विभाग अपने कब्जे में ले रहा है। 

विज्ञापन

इस तरह खुला मामला

दरअसल, आयकर विभाग को शिकायत मिली थी कि दिल्ली और मुंबई के उद्योगपति आदिवासियों के नाम पर जमीनें खरीद रहे हैं। कनून के अनुसार यहां की जमीन खरीदने का अधिकार केवल आदिवासियों को ही है। इसलिए यह खेल किया जा रहा है। जमीन खरीदने के बाद पावर ऑफ अटॉर्नी के दस्तावेजों पर आदिवासियों से दस्तखत करवा लिए जाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत मिलने पर आयकर विभाग ने ऐसी ही एक जमीन के मालिक को ढूंढना शुरू किया। उनकी तलाश पूरी हुई राजस्थान के सीकर जिले के दीपावास गांव में। संजू देवी मीणा का परिवार यहीं रहता है। संजू देवी का पति नारूराम अपने पिता के साथ मुंबई में मजदूरी करता था। साल 2006 में वह संजू देवी को मुंबई ले गया और वहां उससे कुछ कागजों पर अंगूठा लगवाया। इन कागजातों के मुताबिक ये जमीनें आमेर तहसील के कूकस, खोरामीणास हरवर, ढंड, नांगल, तुर्कान और राजपुर खान्या गांवों में खरीदी गई थीं। ये सौदा हेजलनट कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था।  


इसके कुछ दिन बाद नारूराम की मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद संजू के बैंक खाते में हर महीने पांच हजार रुपये आते थे। अब ये रुपये कौन भेजता था, क्यों भेजता था, संजू देवी को कुछ पता नहीं था। बाद में ये रुपये आने भी बंद हो गए। बेहद खराब आर्थिक हालातों से गुजर रही संजू देवी खेती और जानवर पालकर गुजर-बसर करती है। आयकर के छापे के बाद उसे पता चला कि उसके नाम पर लाखों नहीं बल्कि सौ करोड़ से भी ज्यादा कीमत की जमीन थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed