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नेताजी को नहीं मालूम, कौन पहना गया नोटों की माला
समीर शर्मा/अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Mon, 18 Nov 2013 08:26 PM IST
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नेताजी को कोई नोटों की माला पहना जाता है और उन्हें पता ही नहीं चलता। आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन दिल बहलाने के लिए यह बहाना कारगर है।
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राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ सीट से भाजपा प्रत्याशी ने इसी तरह का बहाना चुनाव आयोग के सामने लिखित में दिया है।
विधानसभा चुनाव के नामांकन के दिन वे नोटों की माला पहनकर पर्चा भरने पहुंचे थे, जिसकी फोटो मीडिया में छपी और चुनाव आयोग चेत गया।
जब नोटिस देकर 'नेताजी' से घटना के बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने आयोग को लिखित में दिया है कि भीड़ बहुत थी, पता ही नहीं चला कि कौन गले में नोटों की माला पहना गया।
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अब बुद्धिजीवियों में चर्चा चल रही है कि पहनाने वाले के हाथों का तो पता नहीं, लेकिन नेताजी कम से कम अपने गले का ध्यान तो रखते।
दूल्हे के लिए गाड़ी की मारा-मारी
राजस्थान विधानसभा चुनाव दूल्हे-राजाओं पर भारी पड़ रहा है। दूल्हे नेताजी से नहीं, चुनाव करवाने वालों से भी खफा चल रहे हैं। कांग्रेस-भाजपा सहित सैकड़ों उम्मीदवारों ने प्रचार के लिए टैक्सियां मंगा ली हैं, वहीं मतदान व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग ने भी टैक्सियों को उठाया हुआ है।
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अब बाराती बाजार में किराए की गाडिय़ों की तलाश कर रहे हैं, वहीं ट्रांस्पोर्टर उन्हें खाली हाथ विदा कर रहे हैं। बारात का मजा गाडिय़ों की कमी के कारण किरकिरा हो रहा है और शादी का आनंद लेने के बजाय व्यवस्थाओं में समय जाया हो रहा है।
दूल्हों को टेंशन है कि अच्छी गाड़ी नहीं मिली, तो फर्स्ट इम्प्रेशन का क्या होगा? अब वे यार-दोस्तों से गाडिय़ों की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।