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आखिर धरा गया पेपर आउट मामले का मास्टरमाइंड

Tue, 29 Jul 2014 06:14 PM IST
Updated Tue, 29 Jul 2014 06:14 PM IST
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police arrests mastermind of paper out case

राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मंगलवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग की आरएएस प्री परीक्षा 2013 के पेपर आउट मामले के मास्टर माइंड आर.के. सिंह को बिहार से धर लिया। इसे एसओजी की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, अब राजस्थान की ही नहीं, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय परीक्षाओं के पर्चे आउट के और मामले सामने आ सकते हैं। एसओजी सिंह को लेकर देर रात तक जयपुर पहुंच जाएगी और उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। कई अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने के लिए एसओजी अदालत से सिंह को पुलिस रिमाण्ड पर सौंपने मांग करेगी।

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मास्टर माइंड की तलाश में जुटी पुलिस

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एसओजी की टीम ने बिहार के भोजपुर जिले के चांदी कस्बे से सुबह आर.के. सिंह को दबोचा और जयपुर लाने की तैयारी की। आरएएस पेपर आउट मामले में पकड़े गए अमृतलाल मीणा सहित आरोपियों से पूछताछ में सिंह के ठिकानों के बारे में पता चला था।

प्रकरण सुर्खियों में आते ही ये मास्टर माइंड सिंह छिपता फिर रहा था और इसे पकडऩे के लिए दिल्ली, यूपी और बिहार कई जगह दबिश दी जा रही थी। किसका हाथ था पेपर आउट में सिंह की गिरफ्तारी से अब इस सवाल का जवाब मिल जाएगा कि पेपर आउट करने में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के किसी कर्मचारी या अधिकारी का हाथ था या नहीं?

या फिर ये पेपर प्रिंटिंग प्रेस से आउट हुआ था? एसओजी को इस सवाल का जवाब नहीं मिल रहा था, जिससे जांच रुकी हुई थी। इस सवाल के जवाब के लिए एसओजी मास्टर माइंट की तलाश में जुटी हुई थी।

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कई सालों से कर रहा था काम

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एसओजी सूत्रों के अनुसार ऐसी जानकारियां मिली हैं कि सिंह कई सालों इस काम में लगा हुआ था और राजस्थान ही नहीं, विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्य राज्यों की राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट करने में उसका हाथ था।

एसओजी को उम्मीद है कि सिंह से पूछताछ में कई चौंकानेवाली जानकारियां मिल सकती हैं। सिंह अपने नेटवर्क को दिल्ली से चला रहा था। इस गिरोह ने आरएएस प्री परीक्षा 2013 के पेपर के लिए अभ्यर्थियों से 30-30 लाख रुपए तक वसूली की थी।

ऐसे खुला था मामला
आरएएस प्री 2013 की परीक्षा की मेरिट में 50 छात्रों में से 32 एसटी के होने के कारण आरपीएससी को फर्जीवाड़े का शक हुआ और गुप्त पत्र के जरिए एसओजी को मामले की जांच के लिए कहा गया। जांच में पता चला कि सरगना अमृत लाल के परिवार और रिश्तेदारी के 20 लोग आरएएस प्री की टॉप-50 मैरिट में आए, जिसमें उसकी पत्नी भी थी।

एसओजी ने 16 जून को इस मामले की तहकीकात शुरू की थी और 9 जुलाई को चार लोगों को गिरफ्तार करके इसका खुलासा किया था। इसके बाद आरपीएससी ने ये परीक्षा निरस्त करने का निर्णय किया था।

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