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Rajasthan: स्कूल की दीवार के पास टॉयलेट करते थे लोग, छात्राओं की एक अपील से बदल गई सूरत, जानें मामला
Thu, 13 Apr 2023 04:27 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 13 Apr 2023 04:27 PM IST
सार
कहते हैं विद्यालय शिक्षा का मंदिर है और अगर ऐसा है तो शिक्षा के इस मंदिर में मंदिर जैसी स्वच्छता क्यों नहीं? ऐसा ही सवाल जोधपुर के सरदारपुरा स्थित एक सरकारी बालिका विद्यालय की छात्राएं आमजन से पूछ रही हैं।
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अब इस तरह की दिख रही है दीवार।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्थान के जोधपुर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां लोगों ने एक स्कूल की दीवार को टॉयलेट बना दिया। जिसके कारण छात्राओं को परेशानी हो रही थी। इससे परेशान होकर छात्राओं ने दीवार पर एक अपील लिखवाई हैं। जिसमें उन्होंने लोगों से गंदगी नहीं करने का आग्रह किया है। साथ ही एक बेटी के तरह अपने पिता-भाई के सामान जैसे लोगों से दीवार के पास गंदगी नहीं करने का आग्रह किया है।
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दरअसल, जोधपुर के सरदारपुरा क्षेत्र में सरकारी बालिका विद्यालय के बाहर की दीवार पर आसपास के लोग लघुशंका करने लग गए थे। इस कारण बालिकाओं का स्कूल में पढ़ना दूभर हो गया था। गंदगी और बदबू से हालत इतने खराब थे कि कोई पल भर ना बैठ पाए, लेकिन इस गंदगी और दुर्गंध के बीच इन छात्राओं को पढ़ना पड़ता था। मना करने के बाद भी लोग नहीं मान रहे थे। ऐसे में स्कूल की छात्राओं ने एक नया तरीका निकाला और जिस दीवार पर लोग टॉयलेट करते थे, वहां पर एक अपील लिखवाई गई। उन्होंने अपील में आमजन से आग्रह किया कि आप लोगों के यहां टॉयलेट करने के कारण हमें विद्यालय में पढ़ने में परेशानी होती है। आप सब से अनुरोध है कि ऐसा ना करें।
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छात्राओं ने अपील करते हुए कहा- आदरणीय अंकल, हम आपसे बेटी होने के नाते एक पिता या भाई से कुछ मांगना चाहते हैं। जरा सोचिए, जिस दीवार को आप टॉयलेट कर गंदा कर रहे हैं, उस दीवार के दूसरी ओर हम पढ़ते हैं। बदबू और मच्छरों के कारण हमारा पढ़ना दूभर हो गया है। क्या आप चाहते हैं कि हम पढ़ाई छोड़ दें, अगर नहीं तो बस आग्रह है कि हमारे पाठशाला रूपी मंदिर को गंदा नहीं करें। हम पढ़ना चाहते हैं, लेकिन तब अच्छे से पढ़ पाएंगे जब स्कूल के चारों ओर गंदगी नहीं होगी। इसलिए आप सभी शपथ लें कि स्कूल ही नहीं, बल्कि किसी भी सार्वजनिक दीवार को गंदा नहीं करेंगे।
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छात्राओं की इस अपील का अब रंग भी दिखने लगा हैं। लोगों ने यहां ना सिर्फ टॉयलेट करना बंद कर दिया है, बल्कि कचरा डालना भी बंद कर दिया है जिससे अब छात्राओं को दुर्गंध और गंदगी से निजात मिली है।