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Hindi News ›   Rajasthan ›   One and half year old child fired at seven places with hot rod in Rajsamand 

Rajasthan: अंधविश्वास का दर्द... डेढ़ साल के बच्चे को गर्म सरिए से सात जगह दागा, डॉक्टर बोले- हालत नाजुक है  

Fri, 27 May 2022 10:28 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 27 May 2022 10:28 PM IST
सार

राजसमंद जिले में एक डेढ़ साल के बच्चे को उसके परिजनों ने ही गर्म सरिए से दाग दिया। बच्चे को सांस लेने में परेशानी थी, उसका इलाज कराने के लिए वह उसे देवरे पर ले गए थे। अब बच्चे का गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज चल रहा है। 

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One and half year old child fired at seven places with hot rod in Rajsamand 
बच्चे का अस्पताल में चल रहा इलाज। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भीलवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती एक मासूम मौत से लड़ रहा है। डॉक्टरों ने उसकी हालात गंभीर बताई है। बच्चे को इस हाल में पहुंचाने वाले कोई और नहीं अंधविश्वास में फंसे उसके परिजन ही हैं। तबियत बिगड़ने पर वह उसे देवरे में ले गए और सात जगह डाम (गर्म सरिए से दाग दिया) लगा दिए। इससे उसकी तबियत और बिगड़ गई। शुक्रवार को परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।  

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बच्चे का इलाज कर रहे शिशुरोग विशेषज्ञ कुलदीप सिंह राजपूत के अनुसार मामला राजसमंद जिले के आमेट थाना क्षेत्र के भातला गांव है। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल के कौशल पुत्र सुरेश भील को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। अंधविश्वास में फंसे परिजन उसे देवरे पर ले गए। जहां परिवार की एक महिला ने उसे डाम लगा दिया। 
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इससे उसकी तबीयत और बिगड़ गई। हालात ज्यादा खराब होने पर शुक्रवार को उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि बच्चे के पेट और शरीर पर सात जगह डाम लगे हुए थे। उसका इलाज किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उसके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।  
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सरकार की योजनाएं नहीं आ रहीं काम 
राजस्थान में आम लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधा पहुंचे इसके लिए विभाग की ओर से आईईसी गतिविधियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके पीछे विभाग का तर्क है कि जागरूकता से ज्यादा से ज्यादा लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया होंगी। इसके बाद भी इस तरह के मामले सामने आने के बाद विभाग की इस योजना पर सवाल उठ रहे हैं।  

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