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'राजनीतिक हितों के लिए किया मेरा इस्तेमाल'

Wed, 25 Jun 2014 08:15 AM IST
Updated Wed, 25 Jun 2014 08:15 AM IST
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nihalchand meghwal victim version

मोदी सरकार में रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री निहाल चंद मेघवाल सहित 17 लोगों को दुष्कर्म के एक मामले में अदालत में पेश होने का समन मिलने के बाद राजनीति गरमा गई है। विपक्षी कांग्रेस सहित महिला संगठन लगातार मेघवाल से इस्तीफ़ा मांग रहे हैं।

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इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई मेघवाल के समर्थन में खड़ी है और मेघवाल भी हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान इस्तीफ़ा देने से इनकार कर चुके हैं। आभा शर्मा ने आरोप लगाने वाली महिला से बात की।

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शादी होते ही शोषण

nihalchand meghwal victim version

इस महिला ने इन दिनों श्रीगंगानगर में अपने मामा के यहां पनाह ले रखी है। उन्होंने बताया कि वह हरियाणा के अबूशहर में जन्मी थीं और एक खेतिहर परिवार से हैं। अपने पिता की साल 2000 में मृत्यु के समय वह महज़ 6-7 साल की थीं।

पिता की मौत के बाद उनकी मां का नाता उसके चाचा के साथ हुआ और उन्होंने ही उनका और उनकी दो बहनों का लालन-पालन किया और सीनियर सेकंडरी तक पढ़ाया। उनका आरोप है कि हनुमानगढ़ के पीलीबंगा निवासी ओमप्रकाश गोदारा से 20 दिसंबर, 2012 को उनकी शादी होने के बाद उनका शोषण शुरू हो गया।

इस महिला के मुताबिक़ शादी से पहले गोदारा ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताया था पर जयपुर आने के बाद उन्हें पता लगा कि "उनके पति की राजनीति में बहुत आगे जाने की इच्छा है। इसलिए वह अपनी पत्नी का इस्तेमाल अपने कथित राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए करने लगे।"

वह कहती हैं कि गोदारा अखिल भारतीय युवा जाट महासभा सहित कुछ अन्य तीन चार संस्थाओं के सदस्य हैं। इस महिला ने बताया कि उन्हें करीब आठ-नौ महीने तक घर में बंद रखा गया और मायके वालों से भी मिलने भी नहीं दिया गया। जब उनके परिजन बार-बार ज़ोर देने पर उन्हें ले जाने आए, तो गोदारा ने पीड़िता के चाचा से भी बदसलूकी की। इसके बाद इस महिला को अदालत की शरण लेनी पड़ी।

'मैं भी चुप रहती तो..'

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इस महिला के अनुसार उनके पति ओमप्रकाश गोदारा ने इससे पहले पंजाब के रामपुर गांव की लड़की से शादी की थी और उसके साथ भी वही सब कुछ हुआ, जो इस महिला के साथ हुआ। इनका दावा है कि गोदारा की पहली पत्नी के मायके वाले उसे अपने साथ ले जाने में सफल रहे, लेकिन उन्होंने मामले को उठाया नहीं। यह महिला कहती हैं, "मैं भी अगर बात दबा देती, तो शायद एक और लड़की की ज़िंदगी ख़राब होती..."

अपने ख़िलाफ़ दुष्कर्म की शिकायत और एफ़आईआर दर्ज कराने में भी इस महिला को कई मुश्किलें पेश आईं। वह कहती हैं कि काफ़ी प्रयास के बाद उन्होंने नवंबर 2011 में अपने पति द्वारा नशीला पदार्थ खिलाकर देह शोषण करवाने की शिकायत दर्ज करवाई। इस महिला के अनुसार बाद में पुलिस ने मामला झूठा बताते हुए इसमें 2012 में एफ़आर पेश कर दी जिसे अधीनस्थ अदालत ने मंज़ूर भी कर लिया था।

इस मामले में राजस्थान से मोदी सरकार में एकमात्र मंत्री निहाल चंद सहित राज्य भाजपा के पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग, राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह सहित कुल 17 लोग अभियुक्त हैं, जिनमें कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।

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