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Dausa: सात दिन के नवजात को मरने के लिए छोड़ गई निष्ठुर मां; कंटीली झाड़ियों में मासूम को काटती रही चीटियां
Mon, 04 Sep 2023 08:26 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 04 Sep 2023 08:26 PM IST
सार
ममता और मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना ने अंतर आत्मा को हिला दिया है। दौसा जिले के बांदीकुई में गांधी पार्क के अंदर एक मां जन्म देने के कुछ दिनों बाद ही बच्चे को फेंककर चली गई।
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मसूम को लेकर अस्पताल पहुंचे स्थानीय लोग।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
दौसा जिले के बांदीकुई में गांधी पार्क के अंदर नवजात मेल चाइल्ड मिलने से हड़कंप मच गया। इस घटना से ममता और मानवता दोनों शर्मसार हो गई। लगभग सात दिन के नवजात शिशु के होठों को चीटियां काट रही थीं। मां जन्म देने के कुछ दिनों बाद ही बच्चे को फेंककर चली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर नवजात बच्चे के माता-पिता की तलाश शुरू कर दी है।
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"मां" जिसके नाम से बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं, रोते हुए बच्चे के सिर पर यदि मां हाथ फेरे, तो बच्चा अपने आपको गौरवान्वित महसूस करने लगता है, लेकिन वही मां अपने बच्चे की दुश्मन बन जाए, तो फिर उस बच्चे का दुनिया में भगवान और उसके भेजे दूतों के सिवाय कोई भी रक्षक नहीं है। दौसा के बांदीकुई में एक कलयुगी माता-पिता इतने कठोर हो गए कि अपने ही कलेजे के टुकड़े को जन्म के सात दिन बाद मरने के लिए पार्क में फेंक कर चले गए। शायद जिम्मेदारी से बचने के लिए या दुनिया में लोक लाज के भय के कारण अपनी संतान को लावारिस हालत में छोड़कर रफूचक्कर हो गए।
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ममता की सारी हदें तोड़कर नन्हे जिगर के टुकड़े को ही झाड़ियों में छोड़ कर कोई चला गया। रेलनगरी बांदीकुई शहर के बीचों बीच स्थित गांधी पार्क में सोमवार को ममता और मानवता को शर्मसार करने मामले ने अंतर आत्मा को हिला दिया है। पार्क की कंटीले झाड़ियों में महज सात दिन का नवजात मिलने से शहर में चर्चा का माहौल है। आज गांधी पार्क में नवजात की चीख पुकार वहां से गुजर रहे कुछ छात्रों ने सुनी, तो देखा कि एक बच्चा लावारिस हालत में रो रहा था। जिसे स्थानीय लोगों की मदद से उप जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां बांदीकुई अस्पताल में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ एस.के. सोनी ने नवजात का प्राथमिक उपचार किया। डॉ.सोनी ने बताया कि नवजात शिशु के चहरे पर चींटियों के काटने से निशान बने हुए हैं।
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लोगों ने बांदीकुई पुलिस को सबसे पहले सूचना दी और पुलिस को नवजात सौंपा गया। जिसे दौसा के पालनहार सेंटर भेजा गया। चिकित्सकों की मानें तो नवजात सात दिन का है। नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ है। दूसरी ओर बांदीकुई थानाधिकारी बृजेश कुमार मीना ने बताया कि नवजात मिलने के मामले में धारा 317 में मामला दर्ज किया गया है। अनुसंधान जारी है। माता-पिता तलाश की जा रही है।