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Nagaur: मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैला संक्रमण, कुचामन में OT सीज कर जांच के आदेश, 7 मरीजों को जयपुर रैफर किया
Thu, 30 Jul 2026 01:31 PM IST
नागौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडवाना-कुचामन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडवाना-कुचामन
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:31 PM IST
सार
कुचामन जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में संक्रमण फैलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद सभी मरीजों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया है और पूरे मामले की जांच के लिए ऑपरेशन थिएटर सीज कर दिया गया है।
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मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में फैला संक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कुचामन जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में पोस्ट सर्जिकल संक्रमण की आशंका का मामला सामने आया है। घटना के बाद पांच मरीजों को पहले और दो अन्य मरीजों को बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जबकि ऑपरेशन थिएटर को सीज कर जांच के आदेश दिए गए हैं।
डीडवाना-कुचामन जिले के राजकीय जिला अस्पताल, कुचामन सिटी में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में पोस्ट सर्जिकल संक्रमण (इन्फेक्शन) की आशंका का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सात मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल रैफर किया गया है। एहतियात के तौर पर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को राजकीय जिला अस्पताल, कुचामन सिटी के नेत्र रोग विभाग में सात मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के अगले दिन नियमित जांच के दौरान मरीजों की आंखों में असामान्य लक्षण दिखाई दिए। विस्तृत परीक्षण में ऑपरेशन वाली आंखों में संक्रमण की आशंका सामने आई। इसके बाद पांच मरीजों को तत्काल एसएमएस अस्पताल जयपुर रैफर किया गया, जबकि शेष दो मरीजों को भी गुरुवार को बेहतर उपचार के लिए जयपुर भेज दिया गया।
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मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कुचामन उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी को अस्पताल भेजा। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी और डॉ. विनोद से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद नियमानुसार नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया। चिकित्सा विभाग की जांच टीम के अस्पताल पहुंचने के बाद ऑपरेशन थिएटर सहित पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।
ये भी पढ़ें: खुशखबरी: राजस्थान बना देश का पहला राज्य, रेयर अर्थ एलिमेंट्स के लिए एक्सप्लोरेशन लाइसेंस पर अमल शुरू
उधर जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मरीजों के पहुंचने के बाद कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. आर.के. जैन ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में गठित बोर्ड में मेडिकल विभागाध्यक्ष डॉ. एम.के. अग्रवाल, वरिष्ठ आचार्य डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. मनीष शर्मा को शामिल किया गया है। वहीं एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने भी अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की फैक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीजों की आंखों की स्थिति पर विशेषज्ञ लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
राजकीय जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका ने बताया कि संक्रमण की जानकारी मिलते ही मरीजों को बिना देरी किए उच्च स्तरीय उपचार के लिए जयपुर रैफर कर दिया गया। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी और डॉ. विनोद ने बताया कि सभी ऑपरेशन निर्धारित प्रोटोकॉल और आवश्यक सावधानियों के तहत किए गए थे। फिलहाल संक्रमण के कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि सभी सात मरीज एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया है तथा चिकित्सा विभाग की जांच टीम पूरे मामले की जांच करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कुचामन के राजकीय जिला अस्पताल में इस वर्ष अब तक 700 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं और पहली बार इस प्रकार की घटना सामने आई है।
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डीडवाना-कुचामन जिले के राजकीय जिला अस्पताल, कुचामन सिटी में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद सात मरीजों की आंखों में पोस्ट सर्जिकल संक्रमण (इन्फेक्शन) की आशंका का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सात मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल रैफर किया गया है। एहतियात के तौर पर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को राजकीय जिला अस्पताल, कुचामन सिटी के नेत्र रोग विभाग में सात मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के अगले दिन नियमित जांच के दौरान मरीजों की आंखों में असामान्य लक्षण दिखाई दिए। विस्तृत परीक्षण में ऑपरेशन वाली आंखों में संक्रमण की आशंका सामने आई। इसके बाद पांच मरीजों को तत्काल एसएमएस अस्पताल जयपुर रैफर किया गया, जबकि शेष दो मरीजों को भी गुरुवार को बेहतर उपचार के लिए जयपुर भेज दिया गया।
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मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कुचामन उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी को अस्पताल भेजा। एसडीएम ने अस्पताल पहुंचकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी और डॉ. विनोद से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद नियमानुसार नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया। चिकित्सा विभाग की जांच टीम के अस्पताल पहुंचने के बाद ऑपरेशन थिएटर सहित पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।
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उधर जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मरीजों के पहुंचने के बाद कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. आर.के. जैन ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेंद्र सिंह शेखावत के निर्देशन में गठित बोर्ड में मेडिकल विभागाध्यक्ष डॉ. एम.के. अग्रवाल, वरिष्ठ आचार्य डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. मनीष शर्मा को शामिल किया गया है। वहीं एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने भी अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की फैक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीजों की आंखों की स्थिति पर विशेषज्ञ लगातार निगरानी रखे हुए हैं।
राजकीय जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर ढाका ने बताया कि संक्रमण की जानकारी मिलते ही मरीजों को बिना देरी किए उच्च स्तरीय उपचार के लिए जयपुर रैफर कर दिया गया। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमारी और डॉ. विनोद ने बताया कि सभी ऑपरेशन निर्धारित प्रोटोकॉल और आवश्यक सावधानियों के तहत किए गए थे। फिलहाल संक्रमण के कारणों का पता नहीं चल पाया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि सभी सात मरीज एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया गया है तथा चिकित्सा विभाग की जांच टीम पूरे मामले की जांच करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कुचामन के राजकीय जिला अस्पताल में इस वर्ष अब तक 700 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं और पहली बार इस प्रकार की घटना सामने आई है।