{"_id":"716ffc2201c856bcfeed01caade9a651","slug":"muslim-candidates-of-congres-in-rajasthan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयपुर की दो सीटों पर 67 मुस्लिमों ने भरा पर्चा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयपुर की दो सीटों पर 67 मुस्लिमों ने भरा पर्चा
समीर शर्मा/ब्यूरो,जयपुर
Updated Thu, 14 Nov 2013 08:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान विधानसभा चुनाव में जयपुर की दो सीटों ने कांग्रेस को तनावग्रस्त किया हुआ है। एक अनार सौ बीमार की कहावत को चरितार्थ करते हुए, इन दो सीटों पर 67 मुसलमान प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है।
विज्ञापन
कांग्रेस ने जीत की आस से इन दोनों ही सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी खड़ा किया है और अब स्थितियां देख वोट कटने का डर सता रहा है।
कांग्रेस पार्टी और इन सीटों पर खड़े इस पार्टी के प्रत्याशी अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को मनाने में जुटे हुए हैं कि कैसे न कैसे वे इन सीटों से अपना नाम वापस ले लें।
विज्ञापन
इस माहौल के असल मजे भाजपा को आ रहे हैं। भाजपा ने इन दोनों ही सीटों से हिन्दु उम्मीदवार उतारे हैं।
जयपुर की ये दो सीटें हैं किशनपोल और आदर्श नगर। इन दोनों ही सीटों पर अच्छी तादाद में अल्पसंख्यक मतदाता हैं।
इस कारण कांग्रेस ने रणनीति के तहत दोनों सीटों पर अल्पसंख्यकों को टिकट दिए हैं। किशनपोल से कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सलीम कागजी के बेटे अमीन कागजी और आदर्श नगर से माहिर आजाद चुनाव लड़ रहे हैं।
विज्ञापन
किशनपोल से कुल 55 उम्मीदवारों में से 38 अल्पसंख्यक वर्ग से मैदान में हैं और आदर्श नगर से कुल 48 प्रत्याशियों में से 29 मुस्लिम उम्मीदवार हैं।
कांग्रेस की राह में ये मुस्लिम प्रत्याशी रोड़ा बने हुए हैं और सीधा फायदा भाजपा को मिलने की उम्मीद है। प्रत्याशियों ने खुद के स्तर पर इन प्रत्याशियों को बैठाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
नामांकन दाखिल करने का मंगलवार अंतिम दिन था। अंतिम दिन ही किशनपोल से 30 और आदर्श नगर से 24 अल्पसंख्यकों ने पर्चे भरे।
इन स्थितियों को देखकर कांग्रेस के दोनों ही प्रत्याशी अपनी पार्टी के बड़े मुस्लिम नेताओं से भी सहायता करने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि कांग्रेस को छोड़ जितने भी अल्पसंख्यक प्रत्याशी इन सीटों पर खड़े हुए हैं उनमें कोई ऐसा नेता नहीं है, जिनके पास थोड़ा बहुत भी जनाधार हो। लेकिन उनके नामांकनों ने कांग्रेस की नींद उड़ा दी है।