{"_id":"70362312-9c4e-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"minor-married-girl-raped-till-ten-months","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग विवाहिता से दस माह तक गैंगरेप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग विवाहिता से दस माह तक गैंगरेप
अजमेर/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 03 Apr 2013 04:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक लड़की जिसका पहले तो कम उम्र में विवाह हुआ और फिर उसे अगवा कर दस माह तक गैंगरेप किया गया। पीड़िता के परिजनों को वह बीस दिन पहले मध्यप्रदेश के नीमच से मिली। अपहरण और गैंगरेप करने वाले आरोपी भी फरार हैं।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार लोहागल क्षेत्र में ससुराल से 10 महीने पहले गुम हुई नाबालिग लड़की ने मंगलवार शाम भीलवाड़ा निवासी अपनी मां के साथ क्रिश्चियनगंज थाने पहुंचकर पुलिस उप अधीक्षक प्रीति चौधरी को आपबीती सुनाई।
विज्ञापन
चौधरी ने पीड़िता की शिकायत पर उसके पड़ोस में रहने आए भीलवाड़ा कच्ची बस्ती निवासी मोहम्मद हुसैन और बूंदी निवासी साबिर के खिलाफ बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता का जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में मेडिकल कर मुआयना करवाया है।
विज्ञापन
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसे अगवा करने के बाद 15 दिन तक भीलवाड़ा में रखा था। इसके बाद दो माह चित्तौड़गढ़ और फिर दो माह उदयपुर में बंधक बनाकर रखा। कुछ दिन मोहम्मद हुसैन ने उसे नीमच निवासी अपनी बहन के घर भी रखा।
लड़की ने बताया कि आरोपियों ने उसकी मां और छोटे भाई-बहन को जान से मारने की धमकी देकर दस माह तक सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि उसे एक कमरे में कैद रखा गया।
एक दिन मोहम्मद हुसैन मोबाइल कमरे में ही भूल जाने से मौका पाकर पीड़ता ने अपने नाना को फोन कर सारी घटना बताई। उसकी मां व नाना ने अजमेर पहुंचकर आरोपियों के नाम व पते ढूंढकर नीमच पहुंचकर पीड़िता को छुड़ाया।
इतना ही नहीं पीड़िता को मामला दर्ज कराने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बीस दिन बाद इस मामले की जांच होनी शुरू हुई। पीड़िता के अनुसार वह अपनी मां के साथ 12 मार्च को भीलवाड़ा एसपी के सामने पेश हुई थी। यहां से उसे बनेड़ा थाना भेज दिया गया। थानाप्रभारी ने एएसआई को जांच सौंप दी।
पीड़िता को उसके ससुराल से जून 2012 में अगवा किया गया था। ससुराल पक्ष ने पीड़िता के मायकेवालों के दबाव के बाद क्रिश्चियन गंज थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी के चलते भीलवाड़ा में उसका केस दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद एक पत्र अजमेर के क्रिश्चियन गंज थाने को लिख गया। बनेड़ा थाने से मिले पत्र पर क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस हरकत में आई।