फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Mahakumbh of Jat community in Jaipur demand for 27 percent reservation

Rajasthan: चुनाव से पहले जाट समाज की हुंकार, उठी 27% आरक्षण की मांग, मंच पर साथ दिखे भाजपा-कांग्रेस के नेता

Sun, 05 Mar 2023 07:49 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Sun, 05 Mar 2023 07:49 PM IST
सार

महाकुंभ में जाट नेता राजाराम मिल ने कहा कि हमारे मंच पर कांग्रेस-भाजपा के बड़े नेता और मंत्री मौजूद हैं। ऐसे में ओबीसी वर्ग की 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग स्वीकार की जानी चाहिए।

विज्ञापन
Mahakumbh of Jat community in Jaipur demand for 27 percent reservation
जयपुर में जाट महाकुंभ का आयोजन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान में आठ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी मौके को देखते को हुए प्रदेश की कई जातियों ने सरकार पर अपनी-अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी दबाव की नीति के चलते रविवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में जाट समुदाय ने महाकुंभ का आयोजन किया। जिसमें प्रदेश भर के जाट समुदाय के लोगों ने भाग लिया।

विज्ञापन


जाट नेता राजाराम मिल और विजय पूनिया की पहल पर हुए इस महाकुंभ में दस लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। जाट समाज का महाकुंभ दोपहर 12 बजे शुरू हुआ और देश शाम चल चला। महाकुंभ में कहा गया कि यदि ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया गया तो जाट समुदाय बड़ा आंदोलन करेगा। 
विज्ञापन




इस समय में ओबीसी को 21 प्रतिशत आरक्षण है, लेकिन जाट समुदाय का कहना है कि ओबीसी वर्ग की जितनी आबादी है उसके अनुरूप ये कम है। इससे ओबीसी वर्ग के युवाओं को नुकसान हो रहा है। आबादी के अनुपात के 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना जरूरी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जाट समुदाय के महाकुंभ में एक मंच पर भाजपा और कांग्रेस के नेता भी नजर आए। दोनों ही पार्टी के नेताओं ने ओबीसी वर्ग की 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग पर सहमति जताई। महाकुंभ को संबोधित करते हुए जाट समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपने अंदाज में सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय कृषि से जुड़ा है और मेहनतकश श्रमिक की श्रेणी में आता है। अब जाट समुदाय के युवा पढ़ाई पर भी ध्यान दे रहे हैं, ऐसे में उन्हें रोजगार के लिए आरक्षण देना जरूरी है। 

जाट समाज के महाकुंभ में राजस्थान सरकार के मंत्री हेमाराम चौधरी, बृजेंद्र ओला, प्रातप सिंह खाचरियावास सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे। वहीं, भाजपा की ओर से  केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया समेत कुछ अन्य नेता भी जाट समाज के मंच पर नजर आए।

इस दौरान महाकुंभ के आयोजक राजाराम मिल ने कहा कि आज हमारे मंच पर कांग्रेस-भाजपा के बड़े नेता और मंत्री मौजूद हैं। ऐसे में ओबीसी वर्ग की मांग स्वीकार की जानी चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर चुके हैं। 


बतादें कि राजस्थान के ओबीसी वर्ग में जाट के अलावा अन्य जातियां भी हैं, लेकिन आरक्षण का सबसे ज्यादा फायदा जाट समुदाय के युवाओं को है। इसका मुख्य कारण यह है कि अन्य जातियां शैक्षणिक दृष्टि से कमजोर हैं, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं में जाट समुदाय के युवा अपनी योग्यता दिखाने में सफल होते हैं। यदि, ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है तो इसका फायदा भी सबसे ज्यादा जाट समुदाय के युवाओं को ही मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed