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खून के बदले खून, 20 को हुई उम्रकैद

Thu, 03 Jul 2014 01:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर Updated Thu, 03 Jul 2014 01:33 PM IST
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life imprisonment udaipur

उदयपुर के डोडावली गांव में पांच साल पहले पिता-पुत्र की हत्या करने वाले एक ही परिवार के बीस लोगों को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपियों में नौ महिलाएं शामिल हैं। निर्णय के बाद आरोपियों के परिजन व मासूम न्यायालय परिसर में बिलख पड़े। इस मामले में जिन 20 लोगों को सजा सुनाई गई है उनमें कुछ लोग ऐसे हैं, जिनको आजीवन कारावास की सजा होने से अब उनके बच्चों को संभालने वाला कोई नहीं रहा।

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डोडावली के आम्बा खादरा में 26 जून 2009 को दो परिवारों के बीच हुए खूनी संघर्ष मे नारू गमेती (45) व उसका पुत्र नानजी (20) की मौत हो गई थी और नारू की पत्नी झमकू (40) व कुछ परिवार के सदस्य घायल हो गए थे। पुलिस ने झमकू की रिपोर्ट पर बीस आरोपियों के विरूद्ध दोहरे हत्याकांड का मामला दर्ज किया था।
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झमकू ने रिपोर्ट में बताया था कि घटना से करीब आठ महीने पहले उसके बेटे केसूलाल ने उसकी पत्नी वालकी को मोहन के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था। केसू ने आवेश में आकर मोहन की हत्या कर दी थी। तब से वह जेल में ही है। इस हत्या के बाद मृतक के परिवार वालों के भय से केसू का पूरा परिवार गांव छोड़कर जंगल में चला गया।
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जून माह में बारिश होने यह परिवार खेतीबाड़ी के लिए वापस डोडावली गांव आया था। इन्हें देखते ही आरोपी वक्ता व उसके परिवार ने हमला कर दिया। इस हमले में सभी आरोपियों ने मिलकर नारू गमेती व उसका पुत्र नानजी को कुल्हाड़ी सहित कई तेजधार हथियारों से काट डाला था। अभियुक्तों ने तलवार, कुल्हाड़ी से दोनों के टुकड़े कर दिए थे।

बाप-बेटे के टुकड़े करने वालों को सजा हुई तो कोर्ट के बाहर बेकसूर बच्चे बिलख उठे। कोर्ट परिसर में पांच बच्चे काफी देर तक बिलखते रहे। ये वो बच्चे थे, जिनके माता-पिता को कुछ पल पहले ही कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई सजा की जानकारी परिसर में मौजूद रिश्तेदारों को लगी तो मासूम बच्चे भी अनजान नहीं रह सके।


रिश्तेदारों संभालने की खूब कोशिश की, लेकिन उनकी सांत्वना भी बच्चों के आंसू रोक नहीं पा रही थी। यह देख परिसर में मौजूद लोगों की नजरें इन बच्चों पर टिक गईं। वारदात के समय कई बच्चे या तो दुनिया में ही नहीं आए थे या इतने मासूम थे कि घटना की क्रूरता का अंदाजा भी नहीं रहा होगा।

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