राजस्थान को कृष्णा पूनिया से गोल्ड मेडल की आस
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कॉमनवेल्थ गेम्स में राजस्थान को कृष्णा पूनिया से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके साथ ही कुछ नए खिलाड़ियों पर भी राजस्थान की निगाहें टिकी हुई हैं। इन खिलाड़ियों पर राजस्थान की ही नहीं भारत की भी उम्मीदें टिकी हुई हैं।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में 20वें कॉमनवेल्थ गेम्स की रंगारंग शुरूआत हो गई है। खेलों का ये आयोजन 3 अगस्त तक चलेगा। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 की स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा से सभी उस प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
ओलंपियन कृष्णा लम्बे समय से इन खेलों की तैयारियों में जुटी हुई हैं और उन्होंने अपने खिताब का बचाव करने की पूरी उम्मीद जताई है। पूनिया की स्पर्धा एक अगस्त को होगी। कृष्णा के कोच उनके पति वीरेन्द्र पूनिया हैं।
कॉमलवेल्थ गेम्स का आगाज़
साइकिलिंग- राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार शिरकत कर रहे सुरेश पुरुषों की व्यक्तिगत परस्यूट, 4 किमी टीम परस्यूट और 180 किमी मास स्टार्ट रेस में हिस्सा लेंगे। साइक्लिंग में हालांकि भारत की राह आसान नहीं होगी क्योंकि आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा से उसे कड़ी चुनौती मिलेगी।
निशानेबाजी- गुलाबीनगर की युवा निशानेबाज अपूर्वी महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में हिस्सा लेंगी। पिछले कई महीनों से अपूर्वी विदेश में राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियां कर रही हैं। निशानेबाजों का पिछला इतिहास देखते हुए उनसे पदक की उम्मीद और भी बढ़ गई है। ओमप्रकाश पुरुषों की 10 मीटर पिस्टल शूटिंग स्पर्धा में शिरकत करेंगे। वह प्रकाश नांजप्पा के साथ इस स्पर्धा में उतरेंगे।
जूड़ो- पुरुषों के 73 किग्रा भार वर्ग में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के बलविन्दर सिंह जूडो में अपनी किस्मत आजमाएंगे। बलविन्दर राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय जूडो टीम की अगुवाई कर रहे हैं, ऐसे में सबसे ज्यादा उम्मीदें उनसे ही होंगी।