{"_id":"66125f24d171caeaf10249b9","slug":"satta-ka-sangram-despite-higher-education-better-placement-is-not-available-middle-class-is-getting-beaten-2024-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Satta ka Sangram: उच्च शिक्षा के बावजूद नहीं मिलता बेहतर प्लेसमेंट, पिट रहा है मिडिल क्लास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Satta ka Sangram: उच्च शिक्षा के बावजूद नहीं मिलता बेहतर प्लेसमेंट, पिट रहा है मिडिल क्लास
Sun, 07 Apr 2024 02:24 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sun, 07 Apr 2024 02:24 PM IST
सार
कोचिंग सिटी कोटा पहुंची अमर उजाला की टीम ने यहां के युवा मतदाताओं से बातचीत की। एजुकेशन हब कहे जाने वाले इस लोकसभा क्षेत्र के युवाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
सत्ता का संग्राम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम आज कोचिंग हब कोटा पहुंचा। सुबह चाय पर चर्चा के दौरान लोगों से शहर का मिजाज जानने के बाद अब दोपहर में युवाओं से बातचीत कर उनके मुद्दे जाने।
अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट नहीं मिलता
बी.टेक. की पढ़ाई कर रहे वीरम पारीक का कहना है कि उच्च शिक्षा लेने के बावजूद अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट उपलब्ध नहीं है। इसी कारण देश का युवा बाहर जाकर नौकरी करने का विचार रखता है। यदि यहीं पर अच्छे रोजगार के अवसर मिल जाएं तो यह समस्या खत्म हो जाएगी।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारा जाए
जितेंद्र गोस्वामी कहते हैं कि सरकारी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षक मौजूद नहीं हैं और जो हैं वे सिर्फ टालमटोल करके सिलेबस करवाते हैं। जब सरकार छात्रों को सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है तो वहां शिक्षा के स्तर पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। महिला सुरक्षा के लिए भी सरकार कोई खास कदम नहीं उठा पा रही है।
विज्ञापन
बेहतर रोजगार की कमी
बी.टेक. कम्प्यूटर साइंस के छात्र हर्षित प्रकाश पांडे का कहना है कि देश में जॉब अपॉर्च्यूनिटी कम हैं। कम्प्यूटर साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरियों की कमी है, इसे दूर किया जाना चाहिए। तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ कदम बढ़ाने के बावजूद देश का मिडिल क्लास पिट रहा है। धीरज मेहता कहते हैं कि चुनावों के दौरान पार्टियां जो वादे करती हैं, इलेक्शन जीतते ही उन्हें भूला देती है। युवाओं के लिए जॉब कल्चर बढ़ाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट नहीं मिलता
बी.टेक. की पढ़ाई कर रहे वीरम पारीक का कहना है कि उच्च शिक्षा लेने के बावजूद अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट उपलब्ध नहीं है। इसी कारण देश का युवा बाहर जाकर नौकरी करने का विचार रखता है। यदि यहीं पर अच्छे रोजगार के अवसर मिल जाएं तो यह समस्या खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारा जाए
जितेंद्र गोस्वामी कहते हैं कि सरकारी स्कूल-कॉलेजों में शिक्षक मौजूद नहीं हैं और जो हैं वे सिर्फ टालमटोल करके सिलेबस करवाते हैं। जब सरकार छात्रों को सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है तो वहां शिक्षा के स्तर पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। महिला सुरक्षा के लिए भी सरकार कोई खास कदम नहीं उठा पा रही है।
विज्ञापन
बेहतर रोजगार की कमी
बी.टेक. कम्प्यूटर साइंस के छात्र हर्षित प्रकाश पांडे का कहना है कि देश में जॉब अपॉर्च्यूनिटी कम हैं। कम्प्यूटर साइंस के क्षेत्र में सरकारी नौकरियों की कमी है, इसे दूर किया जाना चाहिए। तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ कदम बढ़ाने के बावजूद देश का मिडिल क्लास पिट रहा है। धीरज मेहता कहते हैं कि चुनावों के दौरान पार्टियां जो वादे करती हैं, इलेक्शन जीतते ही उन्हें भूला देती है। युवाओं के लिए जॉब कल्चर बढ़ाया जाना चाहिए।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन