कोटा: एमटेक दाखिले की कमान फिर RTU के हाथ, 17 शाखाओं में 201 सीटों पर प्रवेश; जानें रजिस्ट्रेशन फीस
राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आरटीयू), कोटा को एक बार फिर सेंट्रलाइज्ड एडमिशन फॉर मास्टर्स (कैम) के जरिए एमटेक में दाखिले कराने की जिम्मेदारी मिली है। बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (बीटीयू) और आरटीयू के बीच इस जिम्मेदारी को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
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राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आरटीयू) ने एक बार फिर सेंट्रलाइज्ड एडमिशन फॉर मास्टर्स (कैम) के जरिए एमटेक में दाखिले की जिम्मेदारी संभाल ली है। बीकानेर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (बीटीयू) और आरटीयू के बीच इस प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से खींचतान और विवाद चल रहा था। आखिरकार, इस साल आरटीयू को फिर से प्रवेश प्रक्रिया संचालित करने की जिम्मेदारी मिल गई है। इसके तहत यूनिवर्सिटी अपने संघटक संस्थानों, जैसे इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा और एमएलवी टेक्सटाइल कॉलेज में एमटेक के दाखिले कराएगी। पिछले साल बीटीयू ने एमटेक की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई थी। इस साल आरटीयू को दोबारा यह जिम्मेदारी मिलने से दोनों विश्वविद्यालयों के बीच चली आ रही प्रतिस्पर्धा भी चर्चा में है।
तीन हजार रुपये होगा रजिस्ट्रेशन शुल्क
कैम के माध्यम से एमटेक में प्रवेश लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों को तीन हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। प्रवेश प्रक्रिया में सबसे पहले ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) के स्कोर को प्राथमिकता दी जाएगी। आरटीयू अपनी एमटेक सीटों में से 50 प्रतिशत सीटों पर गेट स्कोर के आधार पर प्रवेश देती है। इसके बाद बची हुई सीटों पर बीटेक में प्राप्त अंकों के आधार पर दाखिले किए जाते हैं। यूनिवर्सिटी एमटेक में प्रवेश के लिए अलग से कोई प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करती है। इस व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त परीक्षा आयोजित करने का खर्च नहीं उठाना पड़ता। वहीं, आवेदन शुल्क के जरिए विश्वविद्यालय को अलग से राजस्व भी प्राप्त होता है।
आय बढ़ाने के लिए दोनों विश्वविद्यालयों में रही खींचतान
कैम के जरिए एमटेक प्रवेश की जिम्मेदारी संभालने के पीछे विश्वविद्यालयों का एक उद्देश्य अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना भी है। बीटीयू, आरटीयू की तुलना में नया विश्वविद्यालय है। ऐसे में अपनी आय बढ़ाने के लिए बीटीयू ने पिछले साल एमटेक प्रवेश प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभाली थी।
पिछले वर्ष बीटीयू ने एमटेक के करीब एक हजार आवेदन प्राप्त किए थे, जिनसे उसे लगभग तीन लाख रुपये का राजस्व मिला था। इस साल भी बीटीयू प्रवेश प्रक्रिया की जिम्मेदारी लेने की तैयारी में था, लेकिन आरटीयू को फिर से यह काम मिल गया। इसी मुद्दे पर दोनों विश्वविद्यालयों के बीच खींचतान की स्थिति बनी हुई थी।
17 शाखाओं में 201 सीटों पर होंगे दाखिले
इस शैक्षणिक सत्र में आरटीयू के तहत कुल 17 शाखाओं में एमटेक की 201 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। इस बार यूनिवर्सिटी ने एन्वायरमेंटल इंजीनियरिंग (वर्किंग प्रोफेशनल) नाम की नई शाखा भी शुरू की है। इसके जरिए कामकाजी पेशेवरों को पर्यावरण इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। यूनिवर्सिटी ने कार्यरत पेशेवरों के लिए पार्ट टाइम एमटेक का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इसके तहत नौकरी करने वाले अभ्यर्थी अपनी नौकरी जारी रखते हुए एमटेक की पढ़ाई कर सकेंगे। हालांकि, पार्ट टाइम एमटेक में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय अपनी नियोक्ता कंपनी की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जमा करना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि संबंधित कंपनी को अभ्यर्थी के आगे की पढ़ाई करने पर कोई आपत्ति नहीं है।