फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Kota News ›   Kota city SP spot line to Mahavir Nagar CI Ghanshyam Meena

Rajasthan: साढ़े ग्यारह बजे रात में SP का फोन CI ने रिसीव नहीं किया, झल्लाए साहब ने किया लाइन हाजिर

Wed, 02 Nov 2022 02:05 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 02 Nov 2022 02:05 PM IST
सार

राजस्थान में कोटा जिले के शहर एसपी एक बात को लेकर झल्ला गए। दरअसल, एसपी साहब रात में सीआई के पास फोन किए। लेकिन सीआई, एसपी का फोन रिसीव नहीं कर पाए। जब दूसरे दिन सीआई थाने पर पहुंचे तो पता चला कि वे लाइन हाजिर हैं।

विज्ञापन
Kota city SP spot line to Mahavir Nagar CI Ghanshyam Meena
महावीर नगर सीआई घनश्याम मीणा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोटा शहर एसपी केसर सिंह शेखावत ने महावीर नगर सीआई घनश्याम मीणा को लाइन हाजिर कर दिया। वजह यह कि एसपी शेखावत ने 30 अक्टूबर रात करीब 11:30 बजे सीआई मीणा को फोन किया था। जो सीआई ने रिसीव नहीं किया और न क्षेत्र में हुई घटना के बाद रेस्पॉन्स दिया। तब एसपी ने वाट्सएप ग्रुप पर नाराजगी भी जाहिर की थी।

विज्ञापन


इसे देख सीआई ने बताया कि वे तड़के तीन बजे से डयूटी पर थे। कुछ देर पहले घर लौटे थे। रिंगटोन का वॉल्यूम कम होने से सुनाई नहीं दिया। इसके बाद 31 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे बाद सीआई को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी हो गया।
विज्ञापन


पड़ोसियों में झगड़े को लेकर दर्ज हुआ क्रॉस केस
अजय आहुजा नगर में कुछ दूरी पर सोनी और राजपूत परिवार रहते हैं। इन परिवारों में किसी बात को लेकर पहले से विवाद है। 30 अक्टूबर रात 8 से 9 बजे के बीच दोनों फिर झगड़ पड़े। सूचना पर महावीर नगर पुलिस मौके पर गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पता चला एक पड़ोसी ने दूसरे के घर जाकर गाली-गलौज की और मारपीट की धमकी दी। तब आक्रोशित दूसरे पक्ष ने भी पहले पक्ष को धमकी दे दी। सीआई घनश्याम मीणा ने दोनों की तरफ से शिकायत लेकर क्रॉस केस दर्ज कर लिया। इसी मामले में एसपी शेखावत ने मीणा को फोन किया था।


एसपी कोटा शहर केसर सिंह शेखावत ने कहा, मुझे लोगों से पता चला कि दो गुटों में झगड़ा हुआ। लेकिन पुलिस ने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया। मेरे फोन का भी कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला। कंट्रोल रूप पर बोला तब संपर्क हुआ। यह स्थिति पुलिसिंग के लिहाज से सही नहीं है। कोई बड़ी घटना हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता? थानाधिकारी और थाने पर झगड़े का पता हो तब भी प्रॉपर रेस्पॉन्स नहीं देना गलत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed