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Kota News:कोटा-बूंदी में 1507 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट, केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी
Tue, 19 Aug 2025 03:55 PM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Tue, 19 Aug 2025 03:55 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की समिति ने कोटा-बूंदी (राजस्थान) में 1507 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी है।
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कोटा में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को लेकर राजस्थान का एएआई से एमओयू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज मंगलवार को कोटा-बूंदी (राजस्थान) में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण की मंजूरी दे दी है। एज्यूकेशन सिटी कोटा में लंबे समय से एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। गौरतलब है कि सीएम भजनलाल शर्मा ने जुलाई 2024 में कोटा में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए ट्रायपार्टी समझौता (MoU) किया था। यह MoU राजस्थान सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और राजस्थान के यूडीएच विभाग के बीच किया गया था।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 1507 करोड़ रुपये है। कोटा को राजस्थान की औद्योगिक राजधानी और एज्यूकेशन सीटी के रूप में पहचाना जाता है। यहां कोचिंग हब देश के कई राज्यों से छात्र पढ़ने आते हैं। एयरपोर्ट निर्माण के लिए राजस्थान सरकार ने 440.06 हेक्टेयर भूमि हवाई अड्डे के विकास हेतु AAI को हस्तांतरित कर दी है। यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट A-321 श्रेणी के विमान के संचालन के लिए उपयुक्त होगा।
ये भी पढ़ें:मेज नदी में जलस्तर बढ़ने से पुलिया का एक किनारा क्षतिग्रस्त, खतरे की आशंका में आवागमन बंद किया
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परियोजना में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:
20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में टर्मिनल भवन का निर्माण, जो 1000 पीक ऑवर यात्रियों (PHP) को संभालने में सक्षम होगा। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 2 मिलियन (MPPA) होगी।
रनवे (11/29): 3200 मीटर x 45 मीटर, एप्रन: A-321 विमानों के लिए 7 पार्किंग बे, दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी, फायर स्टेशन, कार पार्किंग, और अन्य संबद्ध सुविधाएं।
वर्तमान कोटा हवाई अड्डा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अधीन आता है। जिसमें: रनवे की लंबाई 1220 मीटर x 38 मीटर है, जो केवल कोड 'B' श्रेणी के विमान (जैसे DO-228) के लिए उपयुक्त है। एप्रन में दो छोटे विमानों के खड़े होने की क्षमता है। टर्मिनल भवन का आकार केवल 400 वर्ग मीटर है, जो पीक ऑवर में 50 यात्रियों को ही संभाल सकता है। हालांकि, भूमि की अपर्याप्तता के कारण कोटा एयरपोर्ट का विकास नहीं हो सका। इसलिए यहां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
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इस परियोजना की अनुमानित लागत 1507 करोड़ रुपये है। कोटा को राजस्थान की औद्योगिक राजधानी और एज्यूकेशन सीटी के रूप में पहचाना जाता है। यहां कोचिंग हब देश के कई राज्यों से छात्र पढ़ने आते हैं। एयरपोर्ट निर्माण के लिए राजस्थान सरकार ने 440.06 हेक्टेयर भूमि हवाई अड्डे के विकास हेतु AAI को हस्तांतरित कर दी है। यह ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट A-321 श्रेणी के विमान के संचालन के लिए उपयुक्त होगा।
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परियोजना में निम्नलिखित कार्य शामिल हैं:
20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में टर्मिनल भवन का निर्माण, जो 1000 पीक ऑवर यात्रियों (PHP) को संभालने में सक्षम होगा। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 2 मिलियन (MPPA) होगी।
रनवे (11/29): 3200 मीटर x 45 मीटर, एप्रन: A-321 विमानों के लिए 7 पार्किंग बे, दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी, फायर स्टेशन, कार पार्किंग, और अन्य संबद्ध सुविधाएं।
वर्तमान कोटा हवाई अड्डा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के अधीन आता है। जिसमें: रनवे की लंबाई 1220 मीटर x 38 मीटर है, जो केवल कोड 'B' श्रेणी के विमान (जैसे DO-228) के लिए उपयुक्त है। एप्रन में दो छोटे विमानों के खड़े होने की क्षमता है। टर्मिनल भवन का आकार केवल 400 वर्ग मीटर है, जो पीक ऑवर में 50 यात्रियों को ही संभाल सकता है। हालांकि, भूमि की अपर्याप्तता के कारण कोटा एयरपोर्ट का विकास नहीं हो सका। इसलिए यहां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी गई है।