कोटा में बच्चों की मौत पर घिरे सीएम गहलोत, सोनिया गांधी ने भी दिया निर्देश
- कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में नवजातों की मौत का सिलसिला जारी।
- दिसंबर के आखिरी दो दिनों में यहां नौ और बच्चों की मौत।
- मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर सौ तक पहुंचा।
- नवजातों की मौत का मुख्य कारण उनका जन्म के वक्त कम वजन होना बताया जा रहा है।
- बच्चों की हो रही मौतों पर बसपा प्रमुख मायावती ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा।
विस्तार
कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में नवजातों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है। अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर के आखिरी दो दिनों में यहां नौ और बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर सौ तक पहुंच गया है। अस्पताल के सुप्रिटेंडेंट के मुताबिक नवजातों की मौत का मुख्य कारण उनका जन्म के वक्त कम वजन होना है। इसे लेकर सीएम अशोक गहलोत निशाने पर हैं और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी साफ संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि जेके लोन अस्पताल, कोटा में हुई बीमार शिशुओं की मृत्यु पर सरकार संवेदनशील है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। कोटा के इस अस्पताल में शिशुओं की मृत्यु दर लगातार कम हो रही है। हम आगे इसे और भी कम करने के लिए प्रयास करेंगे। मां और बच्चे स्वस्थ रहें यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ दल का भी स्वागत है। हम उनसे विचार विमर्श और सहयोग से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में इम्प्रूवमेंट के लिये तैयार हैं। #NirogiRajasthan हमारी प्राथमिकता है।
मीडिया किसी भी दबाव में आये बिना तथ्य प्रस्तुत करे, स्वागत है।
3/ — Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) January 2, 2020
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में सर्वप्रथम बच्चों के ICU की स्थापना हमारी सरकार ने 2003 में की थी। कोटा में भी बच्चों के ICU की स्थापना हमने 2011 में की थी। स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ दल का भी स्वागत है।
राजस्थान में सर्वप्रथम बच्चों के ICU की स्थापना हमारी सरकार ने 2003 में की थी। कोटा में भी बच्चों के ICU की स्थापना हमने 2011 में की थी।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) January 2, 2020
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उन्होंने कहा कि हम उनसे विचार विमर्श और सहयोग से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में बेहतरी के लिए तैयार हैं। निरोग राजस्थान हमारी प्राथमिकता है। मीडिया किसी भी दबाव में आए बिना तथ्य प्रस्तुत करे, स्वागत है।
स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए भारत सरकार के विशेषज्ञ दल का भी स्वागत है। हम उनसे विचार विमर्श और सहयोग से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में इम्प्रूवमेंट के लिये तैयार हैं। #NirogiRajasthan हमारी प्राथमिकता है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) January 2, 2020
मीडिया किसी भी दबाव में आये बिना तथ्य प्रस्तुत करे, स्वागत है।
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ओम बिरला ने सीएम गहलोत को पत्र भेजा
कोटा में हुई बच्चों की मौत पर लोकसभा अध्यक्ष और कोटा सांसद ओम बिरला ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने का आग्रह किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पुनः स्मरण पत्र भेजकर संसदीय क्षेत्र कोटा के जेके लोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में शिशुओं की असमय मृत्यु की प्रतिदिन बढती संख्या को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ चिकित्सा सुविधाओं के मजबूत बनाने के लिए आग्रह किया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पुनः स्मरण पत्र भेजकर संसदीय क्षेत्र कोटा के जेके लोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में शिशुओं की असमय मृत्यु की प्रतिदिन बढती संख्या को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ चिकित्सा सुविधाओं के मजबूत बनाने के लिये आग्रह किया।@ashokgehlot51 @RajCMO
— Om Birla (@ombirlakota) January 2, 2020
सोनिया ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष को तलब किया
इस घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष अविनाश पांडे को तलब किया है। सूत्रों के मुताबिक, कोटा के अस्पताल में बच्चों की मौत को लेकर दुख जाहिर करते हुए सोनिया ने पांडे के माध्यम से राज्य सरकार को यह संदेश दिया कि इस मामले में और ठोस कदम उठाए जाएं।
मायावती ने सीएम गहलोत और प्रियंका पर साधा निशाना
गौरतलब हो कि राजस्थान के कोटा में बच्चों की हो रही मौतों पर बसपा प्रमुख मायावती ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासित राजस्थान के कोटा जिले में हाल ही में लगभग 100 मासूम बच्चों की मौत से माओं की गोद उजड़ना अति-दुःखद व दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि वहां के सीएम श्री गहलोत स्वयं व उनकी सरकार इसके प्रति अभी भी उदासीन, असंवेदनशील व गैर-जिम्मेदार बने हुए हैं, जो अति-निन्दनीय है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि किन्तु उससे भी ज्यादा अति दुःखद है कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व खासकर महिला महासचिव की इस मामले में चुप्पी साधे रखना। उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि वह यूपी की तरह उन गरीब पीड़ित माओं से भी जाकर मिलतीं, जिनकी गोद केवल उनकी पार्टी की सरकार की लापरवाही आदि के कारण उजड़ गई हैं।
Union Health Minister Harsh Vardhan tweets, "The high-level team being dispatched by Ministry of Health includes experts from AIIMS Jodhpur, Health Finance & Regional Director, Health Services Jaipur. It will reach Kota tomorrow." #Rajasthan https://t.co/2ox7hxCiyT
— ANI (@ANI) January 2, 2020