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Rajasthan: जयपुर में जमकर पतंगबाजी, नेताओं ने भी दिखाया हुनर, गोविंद देव जी ने उड़ाई सोने की पतंग
Sat, 14 Jan 2023 07:43 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 14 Jan 2023 07:43 PM IST
सार
पर्यटन विभाग की ओर से जल महल की पाल पर काइट फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इसमें फ्रांस के राजदूत इमानुएल लेनिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। फेस्टिवल में प्रदेश के नेताओं ने भी जमकर पतंगबाजी की।
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आराध्या गोविंद देव जी ने चांदी की चरखी से सोने की पतंग उड़ाकर पतंगबाजी की शुरुआती की।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मकर संक्रांति के अवसर पर शनिवार को पर्यटन विभाग की ओर से जल महल की पाल पर काइट फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस दौरान आसमान में अठखेलियां करती पतंगों और जल महल की पाल पर थिरकते कलाकारों ने शहरवासियों सहित विदेशी सैलानियों का भी मन मोह लिया। फेस्टिवल में फ्रांस के भारत में राजदूत इमानुएल लेनिन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
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राजदूत इमानुएल लेनिन ने दो पतंगें भी उड़ाईं। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे राजस्थान और जयपुर की कला संस्कृति से अति प्रभावित हैं। फेस्टिवल में भाग लेकर उन्हें अच्छा लग रहा है, क्योंकि यहां सभी लोग अपने परिवारों के साथ त्यौहार का आनंद ले रहे हैं। ये सब देखना और महसूस करना अपने आप में एक आनंद है।
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काइट फेस्टिवल में देशी और विदेशी सैलानियों का परंपरागत तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया गया। 'केसरिया बालम पधारो नी म्हारे देश' की स्वर लहरियों के बीच सैलानियों ने जल महल की पाल पर प्रवेश किया। विदेशी सैलानियों ने तिल के लड्डू और दाल की पकौडियों का चाय की चुस्की के साथ आनंद लिया और जमकर पतंगबाजी की।
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राजस्थान की लोक संस्कृति जल महल की पाल पर साकार हो गई। पेपे खान व उनके समूह ने केसरिया बालम... सुनाया तो बस्सी के कलाकारों ने कच्ची घोड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। भरतपुर के कलाकारों का मयूर नृत्य व किशनगढ़ की डांगी सिस्टर्स ने मोहक प्रस्तुतियां दी। वहीं, बांदीकुई के कलाकारों ने बहरूपिया कला के कई आयाम अपने स्वांग के जरिए दिखाए, जिसे सभी सैलानियों ने सराहा।
अलवर के कलाकारों ने भपंग वादन किया तो दर्शकों ने भी उनसे ताल से ताल मिलाई। काल्यो कूद पड्यो रे मेला गीत पर कालबेलिया कलाकारों ने नृत्य किया। नागौर के कलाकारों के मश्क वादन और पाली के कलाकारों का तेरहताली नृत्य ने दर्शकों की जबरदस्त वाहवाही लूटी ।
कनाडा की चालीस फीट लंबी नॉयलॉन से बनी टाईलोबाइट काइट आकर्षण का केंद्र रही, जिसकी कीमत करीब 40 हजार रुपये थी। काइट फेस्टिवल में मोस्ट फोटोजेनिक 8 फीट लंबी पतंग रही जिसके साथ फेस्टिवल में मौजूद हर व्यक्ति सेल्फी लेता नजर आया।
मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी परिवार और मित्रों के साथ पतंग बाजी का आनंद लिया। खाचरियावास ने कहा कि आंखों में सभी के पानी होता है, लेकिन जो दूसरे की आंख के पानी को देखकर पोंछे वो ही सच्चा मददगार है। मालवीय नगर के एमएलए और पूर्व चिकित्सा मंत्री काली चरण सर्राफ ने भी सह परिवार और मित्रों के साथ पतंगबाजी का आनंद लिया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और जयपुर ग्रामीण सांसद राज्य वर्धन सिंह राठौर ने भी पतंग बाजी में हाथ आजमाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में चल रही अव्यवस्था की पतंग को काटकर एक सुरक्षित और विकासशील भाजपा की पतंग 2023 में राजस्थान के आसमान पर नजर आएगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पतंगबाजी के दौरान भी राजस्थान सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार तो चाइनीज डोर को बेचने से रोकने में नाकामयाब रही है। जिसके कारण पक्षी और लोग घायल हुए हैं। भाजपा स्वदेशी मंजे से पतंग चलाएगी और कांग्रेस को पतंग के साथ चिट कर के दिखाएगी।