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Kekri News: मोह-माया छोड़ वैराग्य की राह में निकलीं 29 वर्षीय हर्षाली कोठारी, 32 लाख का पैकेज छोड़ बनीं साध्वी

Wed, 13 Nov 2024 07:49 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Wed, 13 Nov 2024 07:49 PM IST
सार

केकड़ी में 29 वर्षीय हर्षाली कोठारी का जैन समाज ने भव्य स्वागत किया, जिन्होंने उच्च पद और 32 लाख रुपये वार्षिक वेतन त्यागकर साध्वी बनने का संकल्प लिया है। हर्षाली, जो एडोब कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं।

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Kekri News: Harshali Kothari left a package of 32 lakhs and became a Sadhvi
हर्षाली कोठारी के अभिनंदन में निकाली गई शोभायात्रा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तपस्या की राह चुनकर साध्वी जीवन अंगीकार करने जा रही 29 वर्षीय हर्षाली कोठारी का केकड़ी के सकल जैन समाज ने बुधवार को अभिनंदन किया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी और 32 लाख रुपये सालाना वेतन के साथ घर परिवार, रिश्ते नाते त्यागकर आध्यात्मिक ऊंचाइयों की ओर अग्रसर इस संयम पथ के राही की शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई और एक धर्मसभा में गोद भराई और अन्य सामाजिक रस्मों द्वारा बहुमान किया गया।

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तत्त्व के बोध और सत्य की खोज के लक्ष्य ने एक 29 वर्षीय युवती हर्षाली कोठारी के जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने अल्पायु में ही संसार की मोह माया के जाल से मुक्त होकर संयम का पथ चुन लिया। तीन साल से आत्म चिंतन में लीन ब्यावर की हर्षाली 20 दिन बाद 3 दिसंबर को जैन आचार्य श्री रामलाल महाराज एवं उपाध्याय श्री राजेश मुनि के पावन सानिध्य में विधिवत जैन भागवती दीक्षा ग्रहण कर पूर्ण वैराग्य धारण करेंगी। 
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केकड़ी में निकाली शोभायात्रा
बुधवार को केकड़ी शहर में सकल जैन समाज ने केकड़ी में विराजमान साध्वी सौम्यप्रभा श्रीजी महाराज आदि ठाणा 4 के पावन सानिध्य में हर्षाली की शोभायात्रा निकाली गई। जुलूस मार्ग में कई स्थानों पर आमजन की ओर से दीक्षार्थी हर्षाली का बहुमान किया गया। जुलूस के दौरान हर्षाली ने जरूरतमंद परिवारों को वस्त्र आदि के रूप में अनुकम्पा दान दिया। शोभायात्रा अजमेरी गेट, अस्पताल रोड, खिड़की गेट, सदर बाजार, घण्टाघर, लक्ष्मीनाथ मंदिर होते हुए देवगांव गेट स्थित गौशाला पहुंचकर धर्मसभा एवं अभिनन्दन समारोह में परिवर्तित हो गई।
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दीक्षार्थी की गोद भराई कर किया बहुमान
समारोह में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ, तपागच्छ संघ, वर्धमान स्थानक संघ, स्थानकवासी महिला मण्डल, बहु मण्डल, बढ़ते कदम संस्थान एवं सोनी परिवार सहित विभिन्न संगठनों ने दीक्षार्थी हर्षाली कोठारी का शॉल ओढ़ाकर एवं गोद भराई की रस्म कर भावभीना अभिनन्दन व बहुमान किया। जैन समाज की ओर से वैरागन हर्षाली के पिता अशोक कोठारी, माता उषा कोठारी सहित अन्य परिजनों का शॉल ओढ़ाकर व माल्यार्पण कर बहुमान किया गया। संचालन कवि बुद्धिप्रकाश दाधीच ने किया।



ये रहे मौजूद
इस मौके पर स्थानकवासी संघ के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा, खरतरगच्छ संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंघवी, तपागच्छ संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र धूपिया, प्रकाश चन्द नाहटा, गौतम सिंह बग्गाणी, राजेन्द्र धूपिया, नरेन्द्र पीपाड़ा, सुभाष चौरड़िया, रिखब सोनी, रिखब धम्माणी, अरविन्द नाहटा, नीरज लोढ़ा, शैलेन्द्र बोरदिया, अमित धूपिया, कुशल चौरड़िया, गौतम रूपावत, उमराव मल मेड़तवाल, शांतिलाल चौरड़िया, सुशील कर्णावट, शीतल लोढ़ा, मनोज लोढ़ा, गौरव धूपिया, बढ़ते कदम संस्थान के आनन्दीराम सोमाणी, राजेन्द्र बियाणी, अमित गर्ग, रामनिवास छीपा सहित कई जने मौजूद रहे। 

चातुर्मास के दौरान बदली जीवन की दिशा
स्थानकवासी जैन श्रावक संघ केकड़ी के मंत्री एवं हर्षाली के मामा रिखबचन्द सोनी ने बताया कि ब्यावर निवासी उषा व अशोक कोठारी की पुत्री हर्षाली उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद एडोब कम्पनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्य कर रही थी। वर्ष 2021 में जैन आचार्य श्री रामलाल महाराज का ब्यावर में चातुर्मास हुआ। इस दौरान हर्षाली कोरोना के चलते वर्क फ्रॉम होम के जरिए अपना काम कर रही थी। चातुर्मास के दौरान आचार्यश्री के प्रवचन सुनकर हर्षाली को संसार की असारता का बोध हुआ और धीरे धीरे वह आत्म चिंतन में लीन रहते हुए वैराग्य पथ की ओर अग्रसर हो गई। उन्होंने शादी नहीं करने का फैसला करते हुए शील व्रत अंगीकार कर लिया। गत 23 मार्च 2023 को हर्षाली ने अपने जॉब से रिजाइन कर दिया और वैराग्य पथ की ओर कदम बढ़ा दिए। हर्षाली ने जिस समय जॉब छोड़ा उस समय उनका सालाना पैकेज 32 लाख रुपये था।



आचार्यश्री ने दी दीक्षा की आज्ञा
वैराग्य की प्रबल भावना को देखते हुए गुरुदेव ने गत 22 अगस्त 2024 को भीलवाड़ा में दीक्षा के लिए आज्ञा पत्र प्रदान कर दिया। एक बातचीत में मुमुक्षु हर्षाली ने बताया कि उनकी प्रबल भावना आईएएस बनने की थी, लेकिन वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन गई। सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना उनकी मंजिल नहीं थी। दुर्लभ मानव जीवन में पूर्व जन्म के संस्कारों के कारण उन्हें संयम पथ पर आरूढ़ होने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह उनके लिए गौरव का क्षण है कि वे जैन भागवती दीक्षा अंगीकार कर साध्वी बनने जा रही है।


संसार असार है, खारा है 
बुधवार को देवगांव गेट के समीप स्थित गोशाला सत्संग भवन में आयोजित दीक्षार्थी अभिनन्दन समारोह में बोलते हुए मुमुक्षु हर्षाली कोठारी ने कहा कि मोक्ष पाने के लिए संयम जरूरी है। संयम के बिना मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती। हर्षाली ने कहा कि यह संसार असार है, खारा है, संयम के मार्ग पर चलकर ही सांसारिक मोहमाया से छुटकारा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सांसारिकता और भौतिकता की चकाचौंध के बीच अध्यात्म व वीतराग मार्ग की ओर अग्रसर होना मेरे लिए एक महान उपलब्धि है।



ऐसे माता पिता सौभाग्यशाली
धर्मसभा में साध्वी सौम्यप्रभा एवं साध्वी सौम्यदर्शना ने दीक्षा की ओर अग्रसर हर्षाली के माता-पिता को संबोधित करते हुए कहा कि आप बहुत सौभाग्यशाली है। आपने हर्षाली के संयम मार्ग में कभी भी रोडे़ नहीं अटका कर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखवा लिया है। सांसारिक मोहमाया को छोड़ कर संयम पथ अंगीकार करना मानव जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि है।

दीक्षा का स्थान तय नहीं
बताया गया कि अभी दीक्षा का स्थान नियत नहीं हो सका है, क्योंकि आचार्य श्री रामलाल महाराज वर्षायोग पूर्ण कर शीघ्र भीलवाड़ा से पैदल विहार करेंगे। निर्धारित तिथि को वे जिस स्थान पर होंगे, उसी स्थान पर दीक्षा देने का अनुष्ठान संपन्न होगा।

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