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केकड़ी में खंडित जनादेश: आरएलपी के हाथ सत्ता की चाबी; कांग्रेस 20 और भाजपा 18 पर अटकी
Mon, 14 Sep 2026 08:07 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 14 Sep 2026 08:07 PM IST
सार
केकड़ी नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बहुमत के लिए उसे एक सीट की जरूरत है। भाजपा को 18 और आरएलपी को दो सीटें मिली हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद का गणित आरएलपी के रुख पर निर्भर करेगा।
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राजस्थान निकाय चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नगरपालिका केकड़ी का चुनावी रण दिलचस्प मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। केकड़ी नगरपालिका चुनाव के परिणाम सामने आने के साथ ही शहर की राजनीतिक तस्वीर साफ हो गई है। 40 वार्डों के चुनाव में कांग्रेस ने 20 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़े दल के रूप में बढ़त बनाई है। भाजपा के 18 प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी 2 वार्डों में जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। चुनावी नतीजों में कांग्रेस ने भाजपा से दो सीटों की बढ़त हासिल की है। हालांकि अध्यक्ष पद के लिए अब तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और आगामी दिनों में राजनीतिक समीकरण, पार्षदों के समर्थन तथा दलों की रणनीति निर्णायक भूमिका निभाएगी।
21 का आंकड़ा और आरएलपी की दो सीटें
कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे आगे है, भाजपा के खाते में 18 सीटें हैं। केकड़ी नगरपालिका में बहुमत का जादुई आंकड़ा 21 है। इस स्थिति में आरएलपी की 2 सीटें अब सत्ता के ताले की चाबी बन गई हैं। जनता ने अपना फैसला ईवीएम में सुना दिया, लेकिन सत्ता की अंतिम तस्वीर अभी बाकी है। बोर्ड किसका बनेगा, इसका फैसला अब आरएलपी के रुख पर निर्भर है।
कांग्रेस के साथ गई आरएलपी तो बन जाएगा बोर्ड
RLP कांग्रेस को समर्थन देती है तो कांग्रेस 22 के आंकड़े के साथ बोर्ड बना सकती है। वहीं आरएलपी भाजपा के साथ जाती है तो दोनों खेमे 20-20 पर बराबर हो जाएंगे और अध्यक्ष पद के लिए लॉटरी की नौबत आ सकती है।
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21 सितंबर पर टिकीं सभी की निगाहें
ऐसे में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। अब निगाहें 21 सितंबर को होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही खेमों की रणनीति, पार्षदों की एकजुटता और आरएलपी की भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।
केकड़ी नगर पालिका के चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं होगा और आने वाले दिनों में शहर की सियासत में कई नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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21 का आंकड़ा और आरएलपी की दो सीटें
कांग्रेस 20 सीटों के साथ सबसे आगे है, भाजपा के खाते में 18 सीटें हैं। केकड़ी नगरपालिका में बहुमत का जादुई आंकड़ा 21 है। इस स्थिति में आरएलपी की 2 सीटें अब सत्ता के ताले की चाबी बन गई हैं। जनता ने अपना फैसला ईवीएम में सुना दिया, लेकिन सत्ता की अंतिम तस्वीर अभी बाकी है। बोर्ड किसका बनेगा, इसका फैसला अब आरएलपी के रुख पर निर्भर है।
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कांग्रेस के साथ गई आरएलपी तो बन जाएगा बोर्ड
RLP कांग्रेस को समर्थन देती है तो कांग्रेस 22 के आंकड़े के साथ बोर्ड बना सकती है। वहीं आरएलपी भाजपा के साथ जाती है तो दोनों खेमे 20-20 पर बराबर हो जाएंगे और अध्यक्ष पद के लिए लॉटरी की नौबत आ सकती है।
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21 सितंबर पर टिकीं सभी की निगाहें
ऐसे में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। अब निगाहें 21 सितंबर को होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव पर टिक गई हैं। बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही खेमों की रणनीति, पार्षदों की एकजुटता और आरएलपी की भूमिका पर सबकी नजर रहेगी।
केकड़ी नगर पालिका के चुनाव परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं होगा और आने वाले दिनों में शहर की सियासत में कई नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।