Karauli Violence: औरंगजेब से तुलना पर भड़के गहलोत, कहा-समय रहते भाजपा को करारा जवाब नहीं दिया तो सबको भुगतना पड़ेगा
करौली हिंसा को लेकर तेजस्वी सूर्या ने सीएम गहलोत की तुलना औरंगजेब से की थी। जिसके बाद सीएम ने पलटवार करते हुए कहा कि ये राजस्थान में आग लगाने आए थे। भाजपा देश में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है।
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प्रदेश में करौली हिंसा को लेकर बवाल मचा हुआ है। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तुलना औरंगजेब से की और जमकर जुबानी हमला बोला था। इसपर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया है। सीएम ने कहा कि नाम तो तेजस्वी सूर्या और यहां पर देखिए किस काम के लिए आए। ये लोग आग लगाने का काम करते हैं।
सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि करौली के अंदर जो कुछ भी हुआ, वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। हमसब लोगों ने इसकी निंदा की। रामनवमी के दौरान हमने चाक-चौबंद व्यवस्था की। रामनवमी के जुलूस पर सभी धर्मों के लोगों ने फूल बरसाए।
खरगौन हिंसा के आरोपियों के मकान तोड़ने को बताया गलत
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में रामनवमी पर एक जगह भी हिंसा की कोई घटना नहीं हुई। देश के अंदर अनेकों राज्यों में दंगे भड़क गए। आग लग गई। उन्होंने मध्यप्रदेश के खरगौन में हुए हिंसा पर बोलते हुए कहा कि अब दंगे के आरोपियों के मकान तोड़े जा रहे हैं। आपको किसने अधिकार दिया कि बिना दोषी ठहराए आप किसी का मकान जाकर तोड़ दो। कानून के तहत कार्रवाई करो।

भाजपा ने लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया
सीएम ने कहा कि एक निर्दोष पर क्या बीतती होगी। एक तरफ आप कहते हो कि करौली में निर्दोष पकड़े जा रहे हैं। राजस्थान सरकार ने मकान ध्वस्त नहीं किए हैं। आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गरीब के मकान गिराकर कानून की धज्जियां उड़ाई गई। इनलोगों ने लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है। देश के हालात बहुत खराब है। देश के नौजवानों को समझना पड़ेगा कि देश किस दिशा में जा रहा है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि सरदार पटेल ने तो आरएसएस पर बैन लगाया था, उनकी मूर्ति बना रहे हैं। ये सब चुनाव जीतने के हथकंडे हैं। ये गांधी और अंबेडकर को मानने का ढोंग करते हैं और संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मेरा मानना है कि अगर समय रहते इन्हें करारा जवाब नहीं दिया तो सबको भुगतना पड़ेगा।
सीएम ने ईआरसीपी को लेकर भी भाजपा और गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जलशक्ति मंत्री जी को चाहिए कि प्रधानमंत्रीजी के पास जाएं और उनको कहें कि ये पूरे राजस्थानवासियों की इच्छा है।13 जिले के लोगों में आक्रोश है. अगर हमने ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया तो बहुत बड़ा इश्यू BJP के खिलाफ बन सकता है, ये उनको प्रधानमंत्रीजी को कन्वे करना चाहिए। तब जाकर प्रधानमंत्री जी आगे बढ़ेंगे और मुझे विश्वास है कि अगर मंत्री जी प्रधानमंत्री जी को कन्विंस करेंगे तो उनको अपना वादा याद आएगा और ईआरसीपी राष्ट्रीय परियोजना घोषित होकर रहेगी।