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चितौड़गढ़ में तीन बार रानियों के हुए थे जौहर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 25 Mar 2017 11:22 AM IST
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चित्तौड़गढ़ में आयोजित जौहर श्रद्धाजंलि समारोह
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चित्तौड़गढ़ में रानी पद्मनी के साथ 31हजार रानियों ने जौहर किया था। लेकिन यह अकेला जौहर नहीं था। इसके बाद भी तीन और जौहर वहां हुए हैं।
शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ में आयोजित जौहर श्रद्धाजंलि समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर चितौड़गढ़ में विभिन्न जौहर करने वाली रानियों को श्रद्धांजली दी गई और उनके निमित्त हवन किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन जौहर स्मृति संस्थान की ओर से किया गया। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनोर, राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़, चित्तौड़गढ़ के एमपी सीपी जोशी समेत अनेक लोग मोजूद थे।
संस्थान के अध्यक्ष महंत उम्मेद सिंह धोली ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया एवं जानकारी दी कि वर्ष 1303 में रानी पद्मिनी के जौहर के सहित यहां तीन जौहर हुए हैं उनकी स्मृति में उनके स्वाभिमान व गौरव की याद दिलाने के लिये प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। पहला जौहर रानी पद्मनी के नेतृत्व में हुआ था। दूसरा जौहर राजमाता कर्मवती और तीसरा जौहर फूलकंवर मेड़तिया की अगुवाई में हुआ। इनमें हजारों वीरांगनाओं ने जौहर किया था।
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शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ में आयोजित जौहर श्रद्धाजंलि समारोह आयोजित हुआ। इस मौके पर चितौड़गढ़ में विभिन्न जौहर करने वाली रानियों को श्रद्धांजली दी गई और उनके निमित्त हवन किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन जौहर स्मृति संस्थान की ओर से किया गया। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनोर, राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़, चित्तौड़गढ़ के एमपी सीपी जोशी समेत अनेक लोग मोजूद थे।
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संस्थान के अध्यक्ष महंत उम्मेद सिंह धोली ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया एवं जानकारी दी कि वर्ष 1303 में रानी पद्मिनी के जौहर के सहित यहां तीन जौहर हुए हैं उनकी स्मृति में उनके स्वाभिमान व गौरव की याद दिलाने के लिये प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। पहला जौहर रानी पद्मनी के नेतृत्व में हुआ था। दूसरा जौहर राजमाता कर्मवती और तीसरा जौहर फूलकंवर मेड़तिया की अगुवाई में हुआ। इनमें हजारों वीरांगनाओं ने जौहर किया था।
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