निकाय चुनाव: 44-44 के पेच में फंसी जोधपुर की सत्ता, कांग्रेस की बागी पार्षद निर्मला नायक कहां हैं?
जोधपुर नगर निगम बोर्ड के गठन से पहले भाजपा और कांग्रेस 44-44 सीटों पर बराबरी पर हैं और बहुमत के लिए सात पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। इसी सियासी खींचतान के बीच कांग्रेस की बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीतीं पार्षद निर्मला नायक और उनकी पांच साल की बेटी के तीन दिन से लापता होने का मामला सामने आया है।
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नगर निगम बोर्ड के गठन से पहले बुधवार शाम से देर रात तक जोधपुर में सियासी हलचल तेज रही। कांग्रेस की बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीतीं एयरफोर्स क्षेत्र की पार्षद निर्मला नायक और उनकी पांच साल की बेटी के तीन दिन से लापता होने का मामला सामने आया है। पार्षद के ससुर लक्ष्मण नायक ने थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया कि भाजपा शहर विधायक अतुल भंसाली और अन्य लोगों ने उनकी बहू और पोती को बंधक बना रखा है। हालांकि विधायक अतुल भंसाली ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें निर्मला और उनकी बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाने की बात कहकर कार से ले गए
लक्ष्मण नायक के अनुसार, निर्मला नायक की तबीयत खराब थी। इसी दौरान आईदान और भाजपा के पावटा मंडल अध्यक्ष जगदीश उन्हें अस्पताल में दिखाने की बात कहकर कार से ले गए। इसके बाद निर्मला और उनकी बेटी वापस नहीं लौटीं।
लक्ष्मण ने बताया कि उन्होंने जगदीश को फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद वह भाजपा शहर विधायक अतुल भंसाली के घर पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां विधायक ने उनकी पुत्रवधू और पोती के सुरक्षित होने की बात कही और जल्द ही दोनों के वापस आने का भरोसा दिया।
15 सितंबर को बेटे से कराई गई बात, फिर भी नहीं लौटीं मां-बेटी
लक्ष्मण नायक ने बताया कि 15 सितंबर को उनके पास एक फोन आया। इस दौरान उनके बेटे लीतेश से बात कराई गई। बेटे ने भी जल्द वापस आने की बात कही, लेकिन इसके बाद भी निर्मला नायक और उनकी पांच साल की बेटी घर नहीं लौटीं। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की। मामले की जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एयरपोर्ट थाने पहुंच गए। कांग्रेस के सैकड़ों नेताओं और समर्थकों के थाने पहुंचने से वहां माहौल गरमा गया।
थाने पहुंचने के दौरान लक्ष्मण नायक की तबीयत बिगड़ी
इसी दौरान निर्मला नायक के ससुर लक्ष्मण नायक की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए एमडीएम अस्पताल ले जाया गया। उनके अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और समर्थक वहां भी पहुंच गए।
विधायक बोले- निर्मला और बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं
मामले में भाजपा शहर विधायक अतुल भंसाली ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें निर्मला नायक और उनकी बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। विधायक ने कहा कि कोई भी किसी पर आरोप लगा सकता है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं। वहीं, एयरपोर्ट थाना पुलिस ने बताया कि मामले में परिवाद प्राप्त हुआ है। पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
44-44 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस, बहुमत के लिए 51 पार्षद जरूरी
निर्मला नायक के लापता होने का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब जोधपुर नगर निगम बोर्ड के गठन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। 99 घोषित सीटों में भाजपा और कांग्रेस दोनों के खाते में 44-44 सीटें हैं। बोर्ड में बहुमत के लिए 51 पार्षदों की जरूरत है। एक सीट आरएलपी के खाते में गई है, जबकि 10 निर्दलीय पार्षद चुने गए हैं। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए दोनों प्रमुख दलों की नजर निर्दलीय और अन्य सदस्यों पर है।
वार्ड 50 में पुनर्मतदान का परिणाम भी अहम
वार्ड 50 के एक बूथ पर पुनर्मतदान कराया गया है, जिसका परिणाम गुरुवार को आने वाला है। ऐसे में इस सीट का नतीजा भी नगर निगम बोर्ड के समीकरण को प्रभावित कर सकता है। भाजपा और कांग्रेस के 44-44 सीटों पर अटके होने के कारण दोनों दल बहुमत के लिए जरूरी सात पार्षदों के समर्थन की जुगत में हैं। इसी बीच कांग्रेस की बागी निर्दलीय पार्षद निर्मला नायक और उनकी बेटी के लापता होने का मामला सामने आने से जोधपुर की सियासत में हलचल और बढ़ गई है।