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ये गिरोह चोरी के बाद लगा देता था आग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 18 Mar 2017 02:46 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आए नकबजन गिरोह के लोग
- फोटो : amar ujala
जोधपुर पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए छह जनों को पकड़ा है। गिरोह के लोग वारदात के बाद मकान में आग लगा देते थे।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के जिला पूर्व में नागौरी गेट, उदय मंदिर और सदर बाजार इलाके में पिछले एक माह में एक दर्जन से ज्यादा नकबजनी की वारदात हुई। इस पर पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पहले नकबजनी और बाल संरक्षण में लिए गए बच्चे फिर से देखे गए। इन बच्चों ने पूछताछ में कबीर नगर में रहने वाले सद्दाम का नाम बताया। सद्दाम को पकड़ने के बाद माल खरीदने व बेचने में सहयोग करने वाले कबीर नगर निवासी आमिर खां को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद लूणी तहसील के धुंधाड़ा निवासी जाकिर उर्फ लाला और गोपाल सोनी भी पुलिस के हत्थे चढ़े। जांच अधिकारी झूमरलाल ने बताया कि गोपाल सोनी और जाकिर चोरी के माल को बिकवाने का काम करते थे। सद्दाम और दो बाल अपचारी चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने उदय मंदिर में 3, सदर बाजार में 3 और नागौरी गेट में छह वारदात करना स्वीकार किया है। यहां खास बात यह है कि गिरोह के लोग मकान व दुकान में सेंध लगाने के बाद आग लगा देते ताकि कोई सबूत नहीं रहे।
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जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के जिला पूर्व में नागौरी गेट, उदय मंदिर और सदर बाजार इलाके में पिछले एक माह में एक दर्जन से ज्यादा नकबजनी की वारदात हुई। इस पर पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पहले नकबजनी और बाल संरक्षण में लिए गए बच्चे फिर से देखे गए। इन बच्चों ने पूछताछ में कबीर नगर में रहने वाले सद्दाम का नाम बताया। सद्दाम को पकड़ने के बाद माल खरीदने व बेचने में सहयोग करने वाले कबीर नगर निवासी आमिर खां को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद लूणी तहसील के धुंधाड़ा निवासी जाकिर उर्फ लाला और गोपाल सोनी भी पुलिस के हत्थे चढ़े। जांच अधिकारी झूमरलाल ने बताया कि गोपाल सोनी और जाकिर चोरी के माल को बिकवाने का काम करते थे। सद्दाम और दो बाल अपचारी चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने उदय मंदिर में 3, सदर बाजार में 3 और नागौरी गेट में छह वारदात करना स्वीकार किया है। यहां खास बात यह है कि गिरोह के लोग मकान व दुकान में सेंध लगाने के बाद आग लगा देते ताकि कोई सबूत नहीं रहे।
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