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बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा में भी बिठा दिया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 11 Mar 2017 02:43 PM IST
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एक स्कूल संचालक ने 34 विद्यार्थियों के भविष्य का दांव पर लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस स्कूल संचालक ने इन विद्यार्थियों से 10वीं बोर्ड के फार्म फीस लेकर भरवा लिए लेकिन, फीस बोर्ड में जमा ही नहीं कराई। इन्हें बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा में भी बिठा दिया। बोर्ड इन छात्रों के भविष्य को देखते हुए बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा दिलवा रहा है।
जोधपर के थबुकड़ा के लक्की सीनियर सैकंडरी स्कूल के 34 विद्यार्थियों के दसवीं के प्रवेश—पत्र बोर्ड ने जारी नहीं किए थे। इसके कारण इन विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क जमा नहीं होना और आवेदन पत्र में गलतियां होना बताया गया। इसके बाद लक्की स्कूल के संचालक पीपी सिंह ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी रोल नंबर लिस्ट के सामने विद्यार्थियों के फोटो चस्पा कर उन्हें परीक्षा में बिठा दिया।
केन्द्राधीक्षक ने इसकी सूचना बोर्ड को दे दी और इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं होने तक विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी। बोर्ड प्रशासन ने केन्द्राधीक्षक को क्लीन चिट देते हुए कहा कि चूंकि विद्याथियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता था इसलिए परीक्षा देने की छूट दी गई। अब बोर्ड प्रशासन ने स्कूल संचालक को एक लाख 90 हजार रुपए जमा कराने के आदेश दिए हैं।
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माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो.बी.एल. चौधरी का कहना है कि फर्जी तरीके से प्रवेश—पत्र जारी करने के मामले में स्कूल संचालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही सभी विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है क्योंकि इनका कोई दोष नहीं है।
गौरतलब है कि इससे पहले बारां जिले के छबड़ा स्थित ब्रिलियंट स्कूल संचालक ने भी परीक्षा शुल्क लेने के बावजूद बोर्ड में जमा नहीं कराया था। आठ मार्च को बोर्ड ने इस स्कूल संचालक से करीब 9 लाख रुपए वसूले थे।
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जोधपर के थबुकड़ा के लक्की सीनियर सैकंडरी स्कूल के 34 विद्यार्थियों के दसवीं के प्रवेश—पत्र बोर्ड ने जारी नहीं किए थे। इसके कारण इन विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क जमा नहीं होना और आवेदन पत्र में गलतियां होना बताया गया। इसके बाद लक्की स्कूल के संचालक पीपी सिंह ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी रोल नंबर लिस्ट के सामने विद्यार्थियों के फोटो चस्पा कर उन्हें परीक्षा में बिठा दिया।
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केन्द्राधीक्षक ने इसकी सूचना बोर्ड को दे दी और इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं होने तक विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी। बोर्ड प्रशासन ने केन्द्राधीक्षक को क्लीन चिट देते हुए कहा कि चूंकि विद्याथियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता था इसलिए परीक्षा देने की छूट दी गई। अब बोर्ड प्रशासन ने स्कूल संचालक को एक लाख 90 हजार रुपए जमा कराने के आदेश दिए हैं।
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माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो.बी.एल. चौधरी का कहना है कि फर्जी तरीके से प्रवेश—पत्र जारी करने के मामले में स्कूल संचालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। साथ ही सभी विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई है क्योंकि इनका कोई दोष नहीं है।
गौरतलब है कि इससे पहले बारां जिले के छबड़ा स्थित ब्रिलियंट स्कूल संचालक ने भी परीक्षा शुल्क लेने के बावजूद बोर्ड में जमा नहीं कराया था। आठ मार्च को बोर्ड ने इस स्कूल संचालक से करीब 9 लाख रुपए वसूले थे।