{"_id":"64dd55fe27767d083a000934","slug":"chest-measurement-criteria-for-women-candidates-arbitrary-outrageous-rajasthan-high-court-on-forest-guard-exam-2023-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: महिला उम्मीदवारों की छाती की माप लेना अपमानजनक, हाईकोर्ट ने की भर्ती प्रक्रिया के मानदंड की निंदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: महिला उम्मीदवारों की छाती की माप लेना अपमानजनक, हाईकोर्ट ने की भर्ती प्रक्रिया के मानदंड की निंदा
Thu, 17 Aug 2023 04:34 AM IST
गुलाम अहमद
एजेंसी, जोधपुर
एजेंसी, जोधपुर
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 17 Aug 2023 04:34 AM IST
सार
जस्टिस दिनेश मेहता ने 10 अगस्त के आदेश में राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विशेषज्ञों की राय लेकर फेफड़ों की क्षमता के वांछित स्तर को निर्धारित करने के लिए किसी वैकल्पिक साधन की संभावना तलाशें, ताकि महिला उम्मीदवारों के इस अनुचित अपमान से बचा जा सके।
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षण के दौरान महिला उम्मीदवारों की फेफड़ों की क्षमता को मापने के लिए छाती माप के मानदंड की निंदा करते हुए कहा, यह पूरी तरह से मनमाना और अपमानजनक है। यह संविधान के अनुच्छेद 14 व 21 के तहत प्रदत्त महिला की गरिमा और निजता के अधिकार को ठेस पहुंचाता है।
विज्ञापन
जस्टिस दिनेश मेहता ने 10 अगस्त के आदेश में राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विशेषज्ञों की राय लेकर फेफड़ों की क्षमता के वांछित स्तर को निर्धारित करने के लिए किसी वैकल्पिक साधन की संभावना तलाशें, ताकि महिला उम्मीदवारों के इस अनुचित अपमान से बचा जा सके।
विज्ञापन
खारिज कीं याचिकाएं
जस्टिस मेहता वन रक्षक पद के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के बावजूद छाती माप के पैरामीटर पर उनकी अयोग्यता को चुनौती देने वाली तीन महिला उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने एम्स के मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट के आधार पर उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं और उन्हें अयोग्य घोषित करने के भर्ती एजेंसी के फैसले को बरकरार रखा।
विज्ञापन