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राजस्थान के आसमान में दिखेगी दुनिया की ताकत: जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 का आगाज, 40 से अधिक देश होंगे शामिल

Sat, 26 Sep 2026 04:41 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Sat, 26 Sep 2026 04:41 PM IST
सार

जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आज से बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 शुरू हो गया। 40 से ज्यादा देशों की वायुसेनाएं इसमें शामिल हैं। अभ्यास में F-35, राफेल और F-16 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान संयुक्त अभियानों और रणनीतिक तालमेल का अभ्यास करेंगे।

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Jodhpur: Tarang Shakti 2026 Begins with Air Forces from 40+ Nations, F-35, Rafale and F-16 Join Exercise
जोधपुर के आसमान में फाइटर विमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार से बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 के दूसरे संस्करण की शुरुआत हुई। यह अभ्यास 12 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 40 से अधिक देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं। भारतीय वायुसेना ने जोधपुर पहुंचने वाले विदेशी सैन्य दलों का स्वागत किया। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी सहयोग, रणनीतिक तालमेल और संयुक्त परिचालन क्षमता को मजबूत करना है।

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आधुनिक फाइटर जेट और हवाई संसाधन होंगे शामिल
तरंग शक्ति 2026 में दुनिया के कई आधुनिक लड़ाकू विमान और सहायक हवाई संसाधन हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिका की ओर से पांचवीं पीढ़ी के F-35 लड़ाकू विमानों के शामिल होने की बात कही गई है। फ्रांस अपने राफेल लड़ाकू विमानों के साथ अभ्यास में हिस्सा ले रहा है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात F-16 फाइटर जेट लेकर पहुंचा है। इसके अलावा कई अन्य देश परिवहन विमानों और दूसरे सहायक हवाई संसाधनों के साथ अभ्यास में भाग ले रहे हैं। इस दौरान अलग-अलग देशों के पायलट और एयरक्रू जटिल संयुक्त अभियानों का अभ्यास करेंगे।
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भारतीय वायुसेना भी उतारेगी अग्रिम पंक्ति के विमान
भारतीय वायुसेना इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में अपने अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों को शामिल कर रही है। भारत की ओर से राफेल और सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमान अभ्यास का हिस्सा होंगे। इनके साथ एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम, भारी परिवहन विमान और हवा में ईंधन भरने वाले एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर भी शामिल होंगे।
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अभ्यास के दौरान विभिन्न देशों की वायुसेनाएं संयुक्त मिशन, हवाई युद्ध संचालन और आपसी तालमेल से जुड़े अभियानों का अभ्यास करेंगी। इसका मकसद अलग-अलग वायुसेनाओं के बीच परिचालन क्षमता और इंटरऑपरेबिलिटी को बेहतर करना है।

फ्रांस की वायुसेना भी पहुंची जोधपुर
फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स भी अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए जोधपुर पहुंच चुकी है। फ्रांसीसी एयर डिफेंस एंड एयर ऑपरेशंस कमांड के डिप्टी कमांडर जूलियन सबेने ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत के साथ इस अभ्यास में शामिल होने के लिए लंबी दूरी तय करके आया है। फ्रांस अपने पेगासस-26 मिशन के तहत चार लड़ाकू विमानों के साथ जोधपुर पहुंचा है। अभ्यास में फ्रांस कुल सात राफेल लड़ाकू विमानों को शामिल करेगा। ये विमान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के साथ संयुक्त हवाई अभ्यास करेंगे।

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114 राफेल की संभावित खरीद पर भी चर्चा
भारत द्वारा फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद के सवाल पर जूलियन सबेने ने कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और फ्रांस इस बात से खुश है कि भारत फ्रांस में निर्मित राफेल विमानों का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी वायुसेना अपनी कार्यप्रणालियों और अनुभवों को भारतीय वायुसेना के साथ साझा करेगी। उन्होंने भारतीय और फ्रांसीसी राफेल विमानों को एक साथ अभ्यास करते देखने को लेकर भी उत्साह जताया।


2024 में हुआ था तरंग शक्ति का पहला संस्करण

तरंग शक्ति का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। तब तत्कालीन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे मित्र देशों के साथ सहयोग, समन्वय और आपसी विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण अभ्यास बताया था। जोधपुर में इसका दूसरा संस्करण भारत और जापान के बीच हुए द्विपक्षीय हवाई अभ्यास वीर गार्जियन-2026 के बाद आयोजित हो रहा है। वीर गार्जियन-2026 का आयोजन 9 से 22 सितंबर तक जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर हुआ था। इसमें भारतीय वायुसेना ने राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे विमानों के साथ हिस्सा लिया था। 

40 से ज्यादा देशों की भागीदारी
तरंग शक्ति 2026 के दूसरे संस्करण में 40 से अधिक देशों की भागीदारी से विभिन्न वायुसेनाओं को संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों की वायुसेनाएं एक साथ बड़े स्तर पर संयुक्त सामरिक अभियानों का अभ्यास करेंगी।

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