Jodhpur Blast: अब तक 33 मौतें, मंत्री ने IOC के CGM को कस्टडी में लिया, कहा- पुलिस बुलाओ या डॉन, देखें वीडियो
राज्य मंत्री गुढ़ा ने सीजीएम से कहा, आपकी इंसानियत मर चुकी है, उसे जगाने आया हूं। मैं आपको कस्टडी में लेता हूं, अब आप चाहे किसी अधिकारी, पुलिस या डॉन किसी को भी बुला लो। उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान सरकार का वो हूं जो कुर्सी को जूते की नोंक पर रखता है।
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राजस्थान के जोधपुर सिलेंडर ब्लास्ट मामले में आज शनिवार को एक और मौत हो गई। अब तक कुल 33 लोग हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं। 17 गंभीर घायलों का महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज चल रहा हैं। इनमें से आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) का कोई भी अधिकारी पीड़ितों के परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। इस बाद से सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भड़क गए। वे शनिवार को जयपुर में मौजूद आईओसीएल कार्यालय पहुंचे और चीफ जनरल मैनेजर को जमकर लताड़ लगाई।
राज्य मंत्री गुढ़ा ने कहा, आपकी इंसानियत मर चुकी है, उसे जगाने आया हूं। मैं आपको कस्टडी में लेता हूं, अब आप चाहे किसी अधिकारी, पुलिस या डॉन किसी को भी बुला लो। उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान सरकार का वो हूं जो कुर्सी को जूते की नोंक पर रखता है। गुढ़ा ने मामले में लापरवाही बरतने पर आईओसीएल के एलपीजी के चीफ जनरल मैनेजर (सीजीएम) कुलविंदर सिंह को करीब 25 मिनट तक जमकर बातें सुनाईं। कुर्सी पर बैठे सीजीएम चुपचाप उनकी बातें सुनते रहें। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यहां देखें वीडियो...।
. @RajendraGudha pic.twitter.com/acRHE5rj0M
— Balkaur Singh Dhillon (@BalkaurDhillon) December 17, 2022
इंसानियत को लेकर मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कुलविंदर सिंह को खुद का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, सड़क हादसे में किसी की मौत हो जाए तो कंपनी क्लेम देती है, इसके बाद भी अगर मुझे हादसे की जानकारी मिलती है तो मैं वहां जाता हूं। उन्होंने कहा कि एक बार मैं अपनी गाड़ी से कहीं जा रहा था, रास्तें में एक कार का एक्सीडेंट हो गया था, उसमें आग लग गई थी। मैंने अपनी गांडी रोकी और कार का कांच तोड़कर उसमें फंसे व्यक्ति को बाहर निकाला। उसे अस्पताल भिजवाया ताकि समय पर उसे इलाज मिल सके, लेकिन जोधपुर में इतने लोगों की मौत के बाद भी आपका कोई अधिकारी वहां नहीं गया।
आठ दिसंबर को क्या हुआ था?
जोधपुर जिले के शेरगढ़ के भूंगरा गांव में 8 दिसंबर को शक्ति सिंह के बेटे सुरेंद्र सिंह की बारात खोखसर जानी थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए 300 लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। बारात निकलने की तैयारी थी, बारात में जाने के लोग तैयार हो रहे थे। घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। चार बजे बारात निकलने का समय तय किया गया था। इससे पहले बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और आग पूरे घर में फैल गई।
महिलाएं और बच्चों सहित कुछ लोग आग से घिर गए। महिलाओं और बच्चों को बचाने कुछ लोग जलती आग के बीच से अंदर गए, इस दौरान वह भी झुलस गए। कुछ लोग जलते हुए घर के अंदर से बाहर निकले, यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। हादसे में पांच लोगों की मौत उसी दिन हो गई, जबकि दूल्हे और उसके माता-पिता सहित 60 लोग झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है।