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Jhunjhunu News: फौजियों की वजह से है झुंझुनू के इस गांव की पहचान, बेटियां भी नहीं किसी से पीछे

Fri, 16 Aug 2024 01:59 PM IST
Jhunjhunu Bureau झुंझुनू ब्यूरो
Updated Fri, 16 Aug 2024 01:59 PM IST
सार

रणबांकुरों के राजस्थान में झुंझुनू का एक गांव फौजियों की वजह से पहचाना जाता है। इस गांव से सैनिक से लेकर कर्नल और ब्रिगेडियर तक के पदों पर पहुंचे हैं। बेटियां भी किसी से कम नहीं है। 

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Junjhunu Village Is known For Army Persons, From Constable To Brigadier
फौज की तैयारी करते युवा

विस्तार

झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी उपखंड के पापड़ा गांव में देश सेवा का जुनून हर नोनिहाल के दिल में बसा है। यहां की बेटियां भी देश सेवा में पीछे नहीं हैं, और कई प्रतिष्ठित पदों पर आसीन होकर अपना लोहा मनवा चुकी हैं।

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उदयपुरवाटी उपखंड का पापड़ा गांव देश सेवा के जज्बे से ओत-प्रोत है। इस गांव के बेटे सेना में सिपाही से लेकर ब्रिगेडियर और कर्नल जैसे उच्च पदों पर तैनात हैं। यहां के हर युवा के दिल में सेना में जाकर देश की सेवा करने का जुनून है, और इस रास्ते पर गांव की बेटियां भी मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।
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वीरचक्र से सम्मानित 
पापड़ा गांव के लादूराम जितरवाल ने 1948 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में 11 फरवरी को अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता के लिए उन्हें वीरचक्र से सम्मानित किया गया। वहीं, इसी गांव के सुरेश कुमार बड़सरा ने भी देश सेवा में अपने प्राण न्यौछावर किए। 21 नवंबर 2009 को उन्होंने राजौरी सेक्टर में तीन आतंकवादियों को मार गिराते हुए वीरगति प्राप्त की।
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1971 और करगिल युद्ध में भी बेटों का पराक्रम 
पापड़ा गांव के वीरों ने 1971 और करगिल युद्ध में भी अपने शौर्य का प्रदर्शन किया। हवलदार हनुमान सिंह पायल ने 1971 के युद्ध में वीरता दिखाई, जबकि कैप्टन शेर सिंह यादव और सूबेदार हरदयाल सिंह यादव ने करगिल युद्ध में दुश्मनों के खिलाफ बटालिक एरिया में अपने अद्वितीय पराक्रम का परिचय दिया।

हर युवा में देश सेवा का जज्बा 
पापड़ा गांव के युवा सेना में ब्रिगेडियर और कर्नल जैसे उच्च पदों पर कार्यरत हैं। भानूप्रताप सिंह ब्रिगेडियर पद तक पहुंचे, जबकि जागीराम मिठारवाल कर्नल पद पर कार्यरत हैं। प्रमोद कुमार बड़सरा सेवानिवृत्त कर्नल हैं। दिनेश कुमार बड़सरा और युवराज सिंह शेखावत लेफ्टिनेंट पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा, इन्द्रराज रैपसवाल और सुरेश कुमार पायल डिप्टी कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं, जबकि विनोद कुमार बड़सरा, विरेन्द्र सिंह पायल, विक्रम बड़सरा, और राज सिंह बड़सरा असिस्टेंट कमांडेंट पदों पर देश की सेवा कर रहे हैं।


बेटियों की भी अहम भूमिका 
पापड़ा गांव की बेटी मोहना सिंह ने देश की पहली महिला लड़ाकू विमान चालक बनकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा, गांव की अन्य बेटियां भी सेना और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी भूमिका निभा रही हैं, जिससे पापड़ा गांव का नाम गर्व से ऊंचा हो गया है।

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