Jhunjhunu News: रोडवेज कर्मचारियों का केंद्र सरकार पर आरोप, बोले- देश में लोकतंत्र नहीं, कील तंत्र चल रहा
झुंझुनूं जिले में रोडवेज कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, देश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि कील तंत्र चल रहा है।
विस्तार
झुंझुनूं जिले के खेतड़ी रोडवेज डिपो परिसर में शुक्रवार को केंद्रीय संगठनों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया गया। रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। साथ ही कहा कि किसानों और मजदूरों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए राजस्थान रोडवेज संयुक्त मोर्चा के बहादुर सिंह यादव ने बताया कि वर्तमान में केंद्र सरकार मेहनतकश जीवन यापन करने वाले लोगों पर नए नियम थोप कर उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। जब कोई भी केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध करता है तो सरकार की ओर से एजेंसियों का गलत तरीके से उपयोग कर उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से मजदूर कानून में बदलाव और चार मजदूर कानून बनाकर शोषण के द्वार उद्योगपतियों के लिए खोल दिए गए हैं।
इससे भविष्य में मजदूरों को कानून नाम पर प्रताड़ित किया जाएगा। आज देश का किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर आ गया है। लेकिन सरकार नियमों की समस्या का समाधान करने की बजाय, उन्हें बल पूर्वक दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया तो सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
सरकारी कर्मचारियों ने भरी हुंकार, आठ सूत्रीय मांग को लेकर आक्रोश रैली
अखिल भारत राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के राष्ट्रीय आह्वान पर सरकारी कर्मचारियों ने झुंझुनूं में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। आक्रोश रैली निकालकर पीएफआरडीए बिल वापस लेने, आठवें वेतन आयोग का गठन करने सहित आठ सूत्रीय मांग को पूरा करने की मांग किए।
सबसे पहले कर्मचारी एक नंबर रोड स्थित जेपी जानू स्कूल के पास एकत्रित हुए। वहां से एक नंबर रोड होते हुए रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे, जहां जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया। जिला अध्यक्ष उमेश सिंह ने बताया कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, आठवें वेतन आयोग के गठन समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों की ओर से देश भर में प्रदर्शन किया है।
जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी, लड़ाई जारी रहेगी। सरकार समय रहते मांगों को पूरा कर दे, अन्यथा बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन के बाद मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्य सचिव के नाम पत्र सौंपा।
ये प्रमुख मांग
पीएफआरडीए के बिल को रद्द करके कर्मचारियों के 41 हजार करोड़ रुपये जीपीएफ खाते में जमा करवाने, आठवां वेतन आयोग का गठन करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, संविदा पर लगे कर्मचारियों को स्थाई करने, सरकारी कर्मचारियों की नियमित रूप से भर्ती करने, ठेका प्रथा बंद करने, महंगाई पर रोक लगाते हुए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और डीए का भुगतान करने समेत अन्य मांग की गई।