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Jaipur: पेयजल मंत्री के 'जादू की फूंक' वाले बयान पर बोले गहलोत, नहीं संभल रही तो किसी और को दें जिम्मेदारी
Tue, 28 May 2024 04:55 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 28 May 2024 04:55 PM IST
सार
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने चौधरी के इस बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। राजस्थान में जल संकट हर गर्मियों में आता है और प्लानिंग के साथ इसे हल किया जाता है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में जल संकट को लेकर पेयजल मंत्री कन्हैया लाल चौधरी अपने ही बयानों पर घिर गए हैं। सोमवार को उन्होंने बयान दिया था कि मेरे पास कोई जादू की फूंक नहीं है कि बालाजी की तरह फूंक मार कर पानी की समस्या दूर कर दूं। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने चौधरी के इस बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के पेयजल मंत्री का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और पानी की किल्लत से परेशान जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाला है। गहलोत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि एक मंत्री द्वारा ऐसी भाषा इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता।
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पेयजल मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे
राजस्थान में जल संकट हर गर्मियों में आता है, परंतु पहले से प्लानिंग कर इसे आसानी से हल किया जा सकता है। छह महीने से सरकार में होने के बावजूद कोई योजना नहीं बनाई गई। इसलिए ऐसी परिस्थिति बनी और अब पेयजल मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। यदि पेयजल मंत्री इस परिस्थिति में जनता को राहत पहुंचाने की क्षमता नहीं रखते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री से अपने विभाग में बदलाव करने का निवेदन कर किसी जिम्मेदार व्यक्ति को काम करने देना चाहिए।
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पहले से योजना बनाई जाती है
पेयजल और बिजली संकट में राज्य सरकार, PHED विभाग, बिजली विभाग, जिला प्रशासन, नगरीय और पंचायतीराज निकाय सभी की जिम्मेदारी थी कि पहले से योजना बनाई जाती और आकस्मिक परिस्थितियों से भी निपटने की तैयारी की जाती।
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बैठक बुलाकर चर्चा करनी चाहिए
ऐसा समय पर नहीं किया गया इसलिए जनता त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है। सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। मुख्यमंत्री को पेयजल और बिजली संकट पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर चर्चा करनी चाहिए और इसका हल निकाला जाना चाहिए।