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Jhunjhunu: हादसे पर बनी सहमती, धरना हुआ समाप्त; गुढ़ा ने जनप्रतिनिधियों के लिए कहा- इनको जनता की तकलीफ होगी
Sat, 29 Jun 2024 09:07 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sat, 29 Jun 2024 09:07 PM IST
सार
Jhunjhunu: करंट लगने के बाद पानी में बहने से युवक की मौत के मामले में चल रहा गतिरोध आज समाप्त हो गया। प्रशासन से 10 लाख की आर्थिक सहायता के साथ संविदा पर नौकरी मिलने पर सहमति बन गई है।
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हादसे पर बनी सहमती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झुंझुनू में करंट लगने के बाद पानी में बहने से युवक की मौत के मामले में चल रहा गतिरोध आज समाप्त हो गया। एडीएम रामरतन सौकरिया, एएसपी पुष्पेन्द्र सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से वार्ता की। जिसके बाद सहमती बनने पर धरना समाप्त कर दिया गया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवार को 10 लाख रूपए की आर्थिक सहायता, परिवार के एक व्यक्ति को संविदा पर नौकरी, जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सहमित बनी है। वहीं मृतक के परिजनों को पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, मदरस बोर्ड के चेयरमैन एमड़ी चोपदार, मुस्लिम वेलफेयर संस्था के अध्यक्ष इंजी. इब्राहीम की ओर से मृतक के परिजनों को एक- एक लाख रुपए की सहायता भी दी गई।
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बता दें कि कल शुक्रवार को झुंझुनूं शहर के पंचदेव सर्किल पर बारिश के दौरान करंट की चपेट मेंं आने से चार लोग पानी में बह गए थे। जिसमें इस्लामपुर निवासी जहांगीर की मौके पर मौत हो गई थी। जिसके बाद पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा के नेतृत्व में परिजन व ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर बीडीके अस्पताल में धरने पर बैठ गए थे। आज सुबह भी लगातार धरना, स्थल पर पहुंचने लगे थे। वहीं धरना समाप्त होने के बाद राजेन्द्र गुढ़ा ने कहा कि वह डेलीगेशन का हिस्सा नहीं थे।
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परिजन सहमत हो गए थे, मैं सहमत हूं। मैनें पीड़ित परिवार को पिछे सपोर्ट किया है। जब तक ये लडे़ मैंं इनके साथ खड़ा रहा, अब ये सहमत हो गए थे मैं भी सहमत हूं। लोग फालतू की बात करते है, मैं राजनीति करता हूं। कही भी जाता हूं लोग यही कहते है, मैं इस चीज से बचना चाहता हूं। वही शनिवार को बिसाऊ में करंट से महिला और युवक की हुई मौत के मामले बोलते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि क्या कर रहे है, इन्हें जनता ने किस लिए चुना है, रोज हादसे हो रहे है, इन्हें पूजने के लिए थोड़ी बैठा रखा है। जनता की बीच में जाना चाहिए, लड़ना चाहिए।