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36 हफ्ते की ट्रेनिंग पूरी: झालावाड़ में 509 आरक्षकों ने ली शपथ, जाति-धर्म से ऊपर उठकर जनता की सेवा का संकल्प
Tue, 13 Oct 2026 05:39 PM IST
झालावाड़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
Published by: झालावाड़ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 05:39 PM IST
सार
राजस्थान के झालावाड़ पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में मंगलवार को बैच संख्या 20/26 के 509 प्रशिक्षु कांस्टेबलों का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित हुआ। प्रशिक्षुओं ने शानदार परेड का प्रदर्शन करते हुए कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ पुलिस सेवा करने की शपथ ली।
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झालावाड़: दीक्षात समारोह की तस्वीर।
विस्तार
झाकमांडेंट पुलिस ट्रेनिंग स्कूल झालावाड़ में मंगलवार को बैच संख्या 20/26 के प्रशिक्षु कांस्टेबलों का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित हुआ। सुबह 8:30 बजे आयोजित समारोह में 509 पुरुष प्रशिक्षु कांस्टेबलों ने शानदार परेड का प्रदर्शन करते हुए पुलिस सेवा में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ काम करने की शपथ ली।
समारोह में प्रशिक्षुओं के परिजन, पुलिस अधिकारी, आमंत्रित अतिथि और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी सहित करीब 500 अभिभावक मौजूद रहे।समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) एच.जी. राधवेंद्र सुहास रहे, जबकि कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हरेंद्र कुमार महावर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मार्चपास्ट और यूएसी का किया प्रदर्शन
कमांडेंट गोपीचंद मीणा के निर्देशन में आयोजित समारोह में प्रशिक्षुओं ने दीक्षांत परेड, बैंड प्रदर्शन और यूएसी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने इंडोर, आउटडोर तथा अन्य गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को पुरस्कृत किया।
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16 फरवरी से शुरू हुआ था प्रशिक्षण
बैच का प्रशिक्षण 16 फरवरी को शुरू हुआ था। राजस्थान पुलिस के निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रशिक्षुओं को 36 सप्ताह का आधारभूत प्रशिक्षण दिया। इसमें शारीरिक प्रशिक्षण, विधिक एवं कक्षात्मक अध्ययन, तकनीकी ज्ञान और आधुनिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग, जनसेवा, टीम भावना, आत्मनिर्भरता और व्यवहार कौशल पर भी विशेष जोर दिया गया।प्रशिक्षुओं को महिला, बालक, वरिष्ठ नागरिक और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने तथा बदलती परिस्थितियों में चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने की सीख भी दी गई।
ये भी पढ़ें- राजस्थान: बॉर्डर पर ड्रोन से गिराई हथियार व आरडीएक्स की खेप, कारतूस बरामद; पंजाब के दो युवक पकड़े गए
जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य अतिथि एच.जी. राधवेंद्र सुहास ने प्रशिक्षुओं की परेड के स्तर की सराहना करते हुए कहा कि अब सभी प्रशिक्षु समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए एक नई जिम्मेदारीपूर्ण यात्रा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शांति और सुरक्षा बनाए रखने में पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। साथ ही प्रशिक्षुओं को जाति, धर्म और संप्रदाय की भावना से ऊपर उठकर निष्पक्षता के साथ जनता की सेवा करने का संदेश दिया। समारोह के अंत में नव आरक्षकों के उज्ज्वल भविष्य और सफल सेवाकाल की कामना की गई।
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समारोह में प्रशिक्षुओं के परिजन, पुलिस अधिकारी, आमंत्रित अतिथि और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी सहित करीब 500 अभिभावक मौजूद रहे।समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (प्रशिक्षण) एच.जी. राधवेंद्र सुहास रहे, जबकि कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हरेंद्र कुमार महावर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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मार्चपास्ट और यूएसी का किया प्रदर्शन
कमांडेंट गोपीचंद मीणा के निर्देशन में आयोजित समारोह में प्रशिक्षुओं ने दीक्षांत परेड, बैंड प्रदर्शन और यूएसी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने इंडोर, आउटडोर तथा अन्य गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को पुरस्कृत किया।
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16 फरवरी से शुरू हुआ था प्रशिक्षण
बैच का प्रशिक्षण 16 फरवरी को शुरू हुआ था। राजस्थान पुलिस के निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रशिक्षुओं को 36 सप्ताह का आधारभूत प्रशिक्षण दिया। इसमें शारीरिक प्रशिक्षण, विधिक एवं कक्षात्मक अध्ययन, तकनीकी ज्ञान और आधुनिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग, जनसेवा, टीम भावना, आत्मनिर्भरता और व्यवहार कौशल पर भी विशेष जोर दिया गया।प्रशिक्षुओं को महिला, बालक, वरिष्ठ नागरिक और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने तथा बदलती परिस्थितियों में चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने की सीख भी दी गई।
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जनता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य अतिथि एच.जी. राधवेंद्र सुहास ने प्रशिक्षुओं की परेड के स्तर की सराहना करते हुए कहा कि अब सभी प्रशिक्षु समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए एक नई जिम्मेदारीपूर्ण यात्रा शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शांति और सुरक्षा बनाए रखने में पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। साथ ही प्रशिक्षुओं को जाति, धर्म और संप्रदाय की भावना से ऊपर उठकर निष्पक्षता के साथ जनता की सेवा करने का संदेश दिया। समारोह के अंत में नव आरक्षकों के उज्ज्वल भविष्य और सफल सेवाकाल की कामना की गई।

आयोजित दीक्षात समारोह

आयोजित दीक्षात समारोह

आयोजित दीक्षात समारोह