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राजस्थान बोर्ड ने इतिहास की किताबों से नेहरू को हटाया, वेबसाइट पर डाली नई किताबें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 08 May 2016 01:21 PM IST
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भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे? इस सवाल का जवाब अब आपको राजस्थान की कक्षा आठ की इतिहास की किताब में नहीं मिलेगा। राजस्थान बोर्ड की कक्षा आठवीं की इतिहास की किताब से पंडित जवाहर लाल नेहरू से जुड़ी जानकारियों को हटा दिया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ये किताबें बाजार अभी नहीं आई हैं, लेकिन इन्हें राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की वेबसाइट www.rstbraj.in पर अपलोड कर दिया गया है। कक्षा आठवीं के लिए तय इतिहास की किताब में महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, वीडी सावरकर और क्रांतिकारी हेमू कलानी से जुड़ी जानकारियां दी गई हैं, हालांकि नेहरू और स्वंतत्रता आंदोलन में शामिल रहे कांग्रेस के अन्य नेताओं के योगदान पर किताब खामोश है।
किताब में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का भी जिक्र नहीं है। ये किताब राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी।
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, किताब के पिछले संस्करण में स्वंतत्रता आंदोलन पर दिए अध्याय में नेहरू का जिक्र प्रमुखता से किया गया था। अध्याय में एक बॉक्स था, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े सभी नेताओं का जिक्र था। पिछली किताब में एक और अध्याय था 'स्वतंत्रता आंदोलन के बाद भारत', जिसमें शुरुआत में ही आजादी के बाद पहली सरकार बनाने में पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान का जिक्र था।
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ये किताबें बाजार अभी नहीं आई हैं, लेकिन इन्हें राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल की वेबसाइट www.rstbraj.in पर अपलोड कर दिया गया है। कक्षा आठवीं के लिए तय इतिहास की किताब में महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, वीडी सावरकर और क्रांतिकारी हेमू कलानी से जुड़ी जानकारियां दी गई हैं, हालांकि नेहरू और स्वंतत्रता आंदोलन में शामिल रहे कांग्रेस के अन्य नेताओं के योगदान पर किताब खामोश है।
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किताब में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का भी जिक्र नहीं है। ये किताब राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी।
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, किताब के पिछले संस्करण में स्वंतत्रता आंदोलन पर दिए अध्याय में नेहरू का जिक्र प्रमुखता से किया गया था। अध्याय में एक बॉक्स था, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े सभी नेताओं का जिक्र था। पिछली किताब में एक और अध्याय था 'स्वतंत्रता आंदोलन के बाद भारत', जिसमें शुरुआत में ही आजादी के बाद पहली सरकार बनाने में पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान का जिक्र था।