फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jalore News ›   jalore fake doctor case nananjiram chaudhary 30 lakh bribe fake mbbs degree sog investigation

राजस्थान: रिश्वत देकर फर्जी डॉक्टर बना आठवीं पास अस्पताल मालिक, आठ संस्थानों से हासिल कीं जाली डिग्रियां

Mon, 26 Oct 2026 11:48 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालोर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Mon, 26 Oct 2026 11:48 AM IST
सार

राजस्थान के जालोर जिले के रानीवाड़ा में एसओजी की जांच में अस्पताल संचालक नानंजीराम चौधरी के कथित फर्जी डॉक्टर होने का खुलासा हुआ है। जांच के अनुसार, आठवीं पास नानंजीराम ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 30 लाख रुपये की रिश्वत देकर फर्जी पंजीकरण कराया था।

विज्ञापन
jalore fake doctor case nananjiram chaudhary 30 lakh bribe fake mbbs degree sog investigation
(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के जालोर जिले के रानीवाड़ा में एक अस्पताल संचालक के फर्जी डॉक्टर होने का खुलासा हुआ है। विशेष अभियान दल (एसओजी) की जांच में सामने आया कि आठवीं पास नानंजीराम चौधरी ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में 30 लाख रुपये की रिश्वत देकर कथित तौर पर फर्जी डॉक्टर के रूप में पंजीकरण कराया था। इसके बाद वह खुद दलाल बन गया और 18 अन्य लोगों को डॉक्टर के रूप में पंजीकरण दिलाने में मदद करने लगा। जांच के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2015 के बाद देशभर के आठ शैक्षणिक संस्थानों से फर्जी डिग्रियां और प्रमाणपत्र हासिल किए थे। वह करीब 22 महीने तक अस्पताल में डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करता रहा।

विज्ञापन

आठवीं पास से अस्पताल मालिक बनने तक का सफर

जांच में सामने आया कि नानंजीराम ने वर्ष 2010 से 2012 के बीच रानीवाड़ा में एक निजी डॉक्टर के क्लीनिक पर ओपीडी काउंटर में काम करना शुरू किया था। यहां वह मरीजों की पर्चियां काटता था। इसके बाद उसने कुछ साल रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम किया। वर्ष 2014 में वह राजदेव हॉस्पिटल के ओपीडी काउंटर पर पर्चियां काटने लगा। वर्ष 2015 में उसने राजदेव हॉस्पिटल के मालिक से अस्पताल खरीद लिया। इसके अगले साल यानी 2016 में अस्पताल का नाम बदलकर स्रोत हॉस्पिटल रख दिया। इसके बाद वर्ष 2019 में उसने गुजरात के एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को अस्पताल में नियुक्त किया। धीरे-धीरे उसने रानीवाड़ा में 50 बेड का अस्पताल तैयार कर लिया और गुजरात के दो डॉक्टरों को ठेके पर नौकरी पर रख लिया।

विज्ञापन

आठ शैक्षणिक संस्थानों से हासिल कीं फर्जी डिग्रियां

एसओजी की जांच में पता चला कि नानंजीराम ने केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बावजूद उसने कथित तौर पर मोटी रकम देकर आंध्र प्रदेश बोर्ड से दसवीं और बारहवीं की फर्जी अंकतालिकाएं बनवाईं। इसके बाद उसने कानपुर की रामा यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री और मुंबई के एक संस्थान से डीजीओ डिप्लोमा का प्रमाणपत्र भी फर्जी तरीके से हासिल किया। जांच के दौरान उसके पास से कई अन्य फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज भी मिले। राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. गिरधर गोपाल ने 6 अक्टूबर 2024 को जयपुर के अशोक नगर थाने में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद मामले की जांच एसओजी को सौंप दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकारी चिकित्सा योजनाओं में गड़बड़ी की भी जांच

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल के अनुसार, अब इस बात की भी जांच की जा रही है कि अस्पताल ने सरकारी चिकित्सा योजनाओं का अनुचित लाभ तो नहीं उठाया। इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जालोर से अस्पताल के दस्तावेज मांगे गए हैं।


सीएमएचओ डॉ. भैराराम जानी ने अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। फिलहाल जालोर जिले के चार अस्पताल जांच के दायरे में हैं।

आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी, एक आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में शांतनु कुमार चारण, दीपक चौधरी, देवेंद्र नेहरा, गीता कुमारी, महेश कुमार गुर्जर, सरीमूल मजूमदार, राम किशोर महावर और पंकज यादव के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक केवल पंकज यादव को गिरफ्तार किया गया है। मामले में फर्जी डिग्रियों, डॉक्टरों के पंजीकरण और अस्पताल की गतिविधियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed