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Jaisalmer News: राजस्थान में सबसे गर्म रहा जैसलमेर, शाम की बारिश बनी राहत की फुहार, झमाझम बरसे बादल
Thu, 26 Jun 2025 09:57 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jun 2025 09:57 PM IST
सार
बारिश की शुरुआत हल्की बूंदाबांदी से हुई, जो कुछ ही देर में तेज वर्षा में बदल गई। आधे घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद शहर की सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग बारिश का आनंद उठाते दिखे।
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जैसलमेर में आधे घंटे तक झमाझम हुई बारिश।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान की तपती धरती पर बसे स्वर्णनगरी जैसलमेर में गुरुवार शाम उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब लंबे समय से बारिश की बाट जोह रहे लोगों की अधूरी आस आखिरकार पूरी हो गई। बीते कई दिनों से तेज धूप, चुभन भरी गर्म हवाएं और झुलसाने वाली उमस से बेहाल शहरवासियों को मौसम ने थोड़ी राहत दी। शाम के समय आसमान में बादल छाने लगे और धीरे-धीरे शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी ने कुछ ही पलों में रफ्तार पकड़ ली। देखते ही देखते झमाझम बारिश ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया।
इस आकस्मिक और मधुर वर्षा ने तपते मौसम में ठंडक घोल दी और शहरवासियों के चेहरे खिल गए। बरसात की शुरुआत धीमी गति से हुई, लेकिन जल्द ही वह आधे घंटे तक लगातार तेज बारिश में तब्दील हो गई। इसके बाद रुक-रुक कर रिमझिम फुहारों का सिलसिला चलता रहा। बारिश इतनी तेज थी कि चंद मिनटों में ही शहर की सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा। घरों के परनालों से बरसात का पानी झरनों की तरह बहने लगा, जिससे पूरा शहर मानो एक प्राकृतिक झरने में तब्दील हो गया हो।
शहर के युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस अचानक हुई बारिश का भरपूर आनंद उठाते नजर आए। कई लोग छतों पर निकल आए तो कई बच्चे गलियों और मैदानों में भीगते हुए खेलते नजर आए। बारिश की बूंदों ने गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को मानो एक नई ऊर्जा प्रदान कर दी हो।
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गांवों में भी बरसी मेहर, किसानों को मिली राहत
जैसलमेर के पोकरण, रामदेवरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी शाम के समय अच्छी बरसात देखने को मिली। इन इलाकों में लंबे समय से पानी का इंतजार कर रहे किसान खुशी से झूम उठे। खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी कर चुके किसानों के लिए यह वर्षा किसी संजीवनी से कम नहीं है। खेतों में नमी आने से अब वे जल्द ही बुवाई की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में इस तरह की समय पर बारिश दुर्लभ रही है, ऐसे में इस बार का यह समय पर गिरा पानी उम्मीदें जगा रहा है।
ये भी पढ़ें- मेघ मेहरबान, बांसवाड़ा के भुंगडा में साढ़े चार इंच बारिश, अलर्ट के बाद स्कूलों में अवकाश
उमस से अब भी नहीं मिली पूरी राहत
हालांकि बारिश की इस फुहार ने गर्मी के असर को थोड़ा कम जरूर किया, लेकिन मौसम में बहुत ज्यादा परिवर्तन देखने को नहीं मिला। बारिश के कुछ ही देर बाद वातावरण में फिर से उमस छा गई। हवा में मौजूद नमी के कारण गर्मी और चिपचिपाहट ने लोगों को फिर से परेशान कर दिया। शाम के बाद भी मौसम में ठंडक का अहसास कम ही रहा।
गर्मी में फिर अव्वल रहा जैसलमेर
गुरुवार को भी जैसलमेर राजस्थान में सबसे गर्म स्थान बना रहा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही वातावरण में भारी नमी के कारण मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग जमकर पसीना बहाते नजर आए। दोपहर चढ़ने के साथ ही धूप की तीव्रता और उमस दोनों में इजाफा होता गया, जिससे दिन भर बेहाली का माहौल रहा।
आशा की किरण बने बादल
अब जबकि जुलाई नजदीक है, लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही मानसून पूरी तरह से सक्रिय होगा और शहर को भीषण गर्मी व उमस से पूरी राहत मिलेगी। फिलहाल गुरुवार शाम की बारिश ने गर्मी से तात्कालिक राहत तो जरूर दी है, लेकिन मौसम की स्थायी सुहावनगी के लिए अब भी सबकी निगाहें आसमान की ओर टिकी हैं।
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इस आकस्मिक और मधुर वर्षा ने तपते मौसम में ठंडक घोल दी और शहरवासियों के चेहरे खिल गए। बरसात की शुरुआत धीमी गति से हुई, लेकिन जल्द ही वह आधे घंटे तक लगातार तेज बारिश में तब्दील हो गई। इसके बाद रुक-रुक कर रिमझिम फुहारों का सिलसिला चलता रहा। बारिश इतनी तेज थी कि चंद मिनटों में ही शहर की सड़कों और गलियों में पानी बहने लगा। घरों के परनालों से बरसात का पानी झरनों की तरह बहने लगा, जिससे पूरा शहर मानो एक प्राकृतिक झरने में तब्दील हो गया हो।
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शहर के युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी इस अचानक हुई बारिश का भरपूर आनंद उठाते नजर आए। कई लोग छतों पर निकल आए तो कई बच्चे गलियों और मैदानों में भीगते हुए खेलते नजर आए। बारिश की बूंदों ने गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को मानो एक नई ऊर्जा प्रदान कर दी हो।
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गांवों में भी बरसी मेहर, किसानों को मिली राहत
जैसलमेर के पोकरण, रामदेवरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी शाम के समय अच्छी बरसात देखने को मिली। इन इलाकों में लंबे समय से पानी का इंतजार कर रहे किसान खुशी से झूम उठे। खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी कर चुके किसानों के लिए यह वर्षा किसी संजीवनी से कम नहीं है। खेतों में नमी आने से अब वे जल्द ही बुवाई की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में इस तरह की समय पर बारिश दुर्लभ रही है, ऐसे में इस बार का यह समय पर गिरा पानी उम्मीदें जगा रहा है।
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उमस से अब भी नहीं मिली पूरी राहत
हालांकि बारिश की इस फुहार ने गर्मी के असर को थोड़ा कम जरूर किया, लेकिन मौसम में बहुत ज्यादा परिवर्तन देखने को नहीं मिला। बारिश के कुछ ही देर बाद वातावरण में फिर से उमस छा गई। हवा में मौजूद नमी के कारण गर्मी और चिपचिपाहट ने लोगों को फिर से परेशान कर दिया। शाम के बाद भी मौसम में ठंडक का अहसास कम ही रहा।
गर्मी में फिर अव्वल रहा जैसलमेर
गुरुवार को भी जैसलमेर राजस्थान में सबसे गर्म स्थान बना रहा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही वातावरण में भारी नमी के कारण मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग जमकर पसीना बहाते नजर आए। दोपहर चढ़ने के साथ ही धूप की तीव्रता और उमस दोनों में इजाफा होता गया, जिससे दिन भर बेहाली का माहौल रहा।
आशा की किरण बने बादल
अब जबकि जुलाई नजदीक है, लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही मानसून पूरी तरह से सक्रिय होगा और शहर को भीषण गर्मी व उमस से पूरी राहत मिलेगी। फिलहाल गुरुवार शाम की बारिश ने गर्मी से तात्कालिक राहत तो जरूर दी है, लेकिन मौसम की स्थायी सुहावनगी के लिए अब भी सबकी निगाहें आसमान की ओर टिकी हैं।