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Rajasthan: दो बार डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देता पकड़ा गया हनुमान राम, SI भर्ती परीक्षा में सबसे बड़ा खुलासा
Thu, 10 Apr 2025 10:12 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Thu, 10 Apr 2025 10:12 PM IST
सार
Rajasthan: ये मामला तब सामने आया जब जोधपुर पुलिस ने नरपतराम और उसकी पत्नी इंद्रा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नरपतराम ने खुलासा किया कि एसआई परीक्षा 2021 में उसकी जगह SDM हनुमान राम ने परीक्षा दी थी।
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आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से विवाद, धांधली और पेपर लीक जैसी घटनाओं की चर्चा होती रही है। लेकिन अब जो सामने आया है, उसने सिस्टम और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के एक अधिकारी, जो वर्तमान में फतेहगढ़ (जैसलमेर) के उपखंड अधिकारी (SDM) के पद पर कार्यरत हैं, को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
SDM हनुमान राम बना था डमी कैंडिडेट – दो बार!
हनुमान राम पर आरोप है कि उसने न सिर्फ एक बल्कि दो बार फर्जी अभ्यर्थी बनकर एसआई भर्ती परीक्षा दी। पूछताछ में सामने आया है कि उसने नरपतराम और रामनिवास नामक दो अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दी थी। वह परीक्षा तब दे रहा था जब वह RAS परीक्षा 2021 में 22वीं रैंक लाकर चयनित हो चुका था और उसकी ट्रेनिंग शुरू होने वाली थी। यह घटना सितंबर 2021 की है, यानी वह समय जब हनुमान राम RAS अधिकारी बन चुका था, लेकिन उसने फिर भी अपने पद और ज्ञान का दुरुपयोग करते हुए सिस्टम के साथ बड़ा खिलवाड़ किया।
गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई
9 अप्रैल 2025 को, SOG की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर फतेहगढ़ में छापा मारा और SDM हनुमान राम को हिरासत में ले लिया। 10 अप्रैल को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां SOG ने पूछताछ के लिए 8 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल 1 दिन की रिमांड मंजूर की है। इस दौरान SOG उसे उन लोगों के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है, जिनकी जगह वह परीक्षा देने गया था।
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नरपतराम और इंद्रा की गिरफ्तारी से खुला राज
ये मामला तब सामने आया जब जोधपुर पुलिस ने नरपतराम और उसकी पत्नी इंद्रा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नरपतराम ने खुलासा किया कि एसआई परीक्षा 2021 में उसकी जगह SDM हनुमान राम ने परीक्षा दी थी। यही नहीं, इंद्रा ने भी हरखू जाट नामक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी। इस खुलासे ने SOG को अलर्ट कर दिया और जब गहराई से पूछताछ शुरू हुई, तो एक के बाद एक परतें खुलती चली गईं।
पढ़ें: सट्टे की अवैध खाईवाली करते एक आरोपी गिरफ्तार,11,750 रुपये की नकदी जब्त; जानें
इंद्रा ने खुद भी परीक्षा दी, लेकिन...
इंद्रा, जो नरपतराम की पत्नी है, ने खुद भी एसआई भर्ती परीक्षा दी थी। लेकिन वह इंटरव्यू राउंड में फेल हो गई। वहीं हरखू जाट, जिसकी जगह उसने परीक्षा दी थी, वह पास हो गया। यानी डमी कैंडिडेट सिस्टम ने न केवल परीक्षा पास कराई, बल्कि असली उम्मीदवार को नौकरी के करीब भी पहुँचा दिया।
हनुमान राम का पिछला रिकॉर्ड
हनुमान राम ने इससे पहले 2018 में सांख्यिकी विभाग में चयन पाया था। वह लंबे समय से RAS की तैयारी कर रहा था और दूसरे प्रयास में 22वीं रैंक हासिल कर 2021 में चयनित हुआ। दिसंबर 2021 में ट्रेनिंग शुरू हुई, और तब से लेकर अब तक वह चितलवाना, बागोड़ा, शिव और अब फतेहगढ़ में SDM के रूप में सेवाएं दे चुका है। 11 फरवरी 2025 से वह फतेहगढ़ के एसडीएम पद पर कार्यरत था।
यह पहला मौका है जब एक RAS स्तर का अधिकारी, जो खुद परीक्षा पास करके अधिकारी बना, वही सिस्टम को चकमा देने में शामिल पाया गया। इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं, बल्कि आम युवाओं के विश्वास को भी गहरी चोट पहुँचती है, जो ईमानदारी से मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं।
एसओजी की टीमें अब इस मामले को गंभीरता से जांच रही हैं और संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक भर्ती घोटाले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह प्रशासनिक संरचना की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न बन सकता है।
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SDM हनुमान राम बना था डमी कैंडिडेट – दो बार!
हनुमान राम पर आरोप है कि उसने न सिर्फ एक बल्कि दो बार फर्जी अभ्यर्थी बनकर एसआई भर्ती परीक्षा दी। पूछताछ में सामने आया है कि उसने नरपतराम और रामनिवास नामक दो अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दी थी। वह परीक्षा तब दे रहा था जब वह RAS परीक्षा 2021 में 22वीं रैंक लाकर चयनित हो चुका था और उसकी ट्रेनिंग शुरू होने वाली थी। यह घटना सितंबर 2021 की है, यानी वह समय जब हनुमान राम RAS अधिकारी बन चुका था, लेकिन उसने फिर भी अपने पद और ज्ञान का दुरुपयोग करते हुए सिस्टम के साथ बड़ा खिलवाड़ किया।
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गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई
9 अप्रैल 2025 को, SOG की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर फतेहगढ़ में छापा मारा और SDM हनुमान राम को हिरासत में ले लिया। 10 अप्रैल को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां SOG ने पूछताछ के लिए 8 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल 1 दिन की रिमांड मंजूर की है। इस दौरान SOG उसे उन लोगों के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है, जिनकी जगह वह परीक्षा देने गया था।
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नरपतराम और इंद्रा की गिरफ्तारी से खुला राज
ये मामला तब सामने आया जब जोधपुर पुलिस ने नरपतराम और उसकी पत्नी इंद्रा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नरपतराम ने खुलासा किया कि एसआई परीक्षा 2021 में उसकी जगह SDM हनुमान राम ने परीक्षा दी थी। यही नहीं, इंद्रा ने भी हरखू जाट नामक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी। इस खुलासे ने SOG को अलर्ट कर दिया और जब गहराई से पूछताछ शुरू हुई, तो एक के बाद एक परतें खुलती चली गईं।
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इंद्रा ने खुद भी परीक्षा दी, लेकिन...
इंद्रा, जो नरपतराम की पत्नी है, ने खुद भी एसआई भर्ती परीक्षा दी थी। लेकिन वह इंटरव्यू राउंड में फेल हो गई। वहीं हरखू जाट, जिसकी जगह उसने परीक्षा दी थी, वह पास हो गया। यानी डमी कैंडिडेट सिस्टम ने न केवल परीक्षा पास कराई, बल्कि असली उम्मीदवार को नौकरी के करीब भी पहुँचा दिया।
हनुमान राम का पिछला रिकॉर्ड
हनुमान राम ने इससे पहले 2018 में सांख्यिकी विभाग में चयन पाया था। वह लंबे समय से RAS की तैयारी कर रहा था और दूसरे प्रयास में 22वीं रैंक हासिल कर 2021 में चयनित हुआ। दिसंबर 2021 में ट्रेनिंग शुरू हुई, और तब से लेकर अब तक वह चितलवाना, बागोड़ा, शिव और अब फतेहगढ़ में SDM के रूप में सेवाएं दे चुका है। 11 फरवरी 2025 से वह फतेहगढ़ के एसडीएम पद पर कार्यरत था।
यह पहला मौका है जब एक RAS स्तर का अधिकारी, जो खुद परीक्षा पास करके अधिकारी बना, वही सिस्टम को चकमा देने में शामिल पाया गया। इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं, बल्कि आम युवाओं के विश्वास को भी गहरी चोट पहुँचती है, जो ईमानदारी से मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं।
एसओजी की टीमें अब इस मामले को गंभीरता से जांच रही हैं और संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक भर्ती घोटाले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह प्रशासनिक संरचना की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न बन सकता है।