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बालोतरा दिशा समिति बैठक: सांसद ने उठाए योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल, अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

Tue, 17 Jun 2025 02:39 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Published by: जैसलमेर ब्यूरो Updated Tue, 17 Jun 2025 02:39 PM IST
सार

सांसद बेनीवाल ने बैठक में कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई अधिकारी बिना तैयारी के ही बैठक में पहुंच जाते हैं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी अधिकारी अपना विभागीय 'होमवर्क' किए बिना बैठक में नहीं आए।

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Disha Committee meeting in Balotra: MP raised questions on implementation of schemes
दिशा समिति की बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के बालोतरा शहर स्थित पंचायत समिति सभागार में सोमवार को सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वयन एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के समग्र विकास, विभिन्न योजनाओं की समीक्षा और कार्यों की प्रगति पर गहन मंथन हुआ। बैठक में जिला प्रमुख महेन्द्र चौधरी,
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सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल, जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक अमित जैन, जिला परिषद के सीईओ रवि कुमार, सीएमएचओ बांकाराम पटेल सहित जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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पिछली बैठकों की समीक्षा और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा
बैठक की शुरुआत में पिछली दिशा बैठकों में उठाए गए मुद्दों, प्रस्तावों और सुझावों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने इस दौरान दो टूक लहजे में
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अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जिले में संचालित योजनाओं का जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक अधिकारी योजनाओं को गंभीरता से नहीं लेंगे और ईमानदारीपूर्वक क्रियान्वयन नहीं करेंगे, तब तक जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा।

बिना तैयारी पहुंचे अधिकारियों को मिली नसीहत
सांसद बेनीवाल ने बैठक में कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई अधिकारी बिना तैयारी के ही बैठक में पहुंच जाते हैं। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी अधिकारी अपना विभागीय 'होमवर्क' किए बिना बैठक में नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा कि हर अधिकारी को अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की अद्यतन जानकारी रखनी चाहिए ताकि बैठक में तर्कसंगत और जिम्मेदार संवाद हो सके।

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अनुपस्थित अधिकारियों पर फूटा गुस्सा
बैठक में कुछ विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सांसद बेनीवाल ने नाराजगी जताते हुए साफ निर्देश दिए कि बिना सूचना और ठोस कारण के गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र की गंभीरता इसी से परिलक्षित होती है कि अधिकारी उच्चस्तरीय बैठकों में उपस्थिति दर्ज कराएं और जिम्मेदारी से अपनी बात रखें।

चिकित्सा विभाग के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
बैठक के दौरान चिकित्सा विभाग से संबंधित मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। पायला पंचायत समिति के प्रधान चुन्नीलाल माचरा ने आरोप लगाया कि जिले में सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) भवनों के निर्माण कार्य राम भरोसे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य स्वीकृत DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुसार नहीं हो रहा है और कार्य की गुणवत्ता भी अत्यंत खराब है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों से जालोर अधीक्षण अभियंता कार्यालय के किसी भी अधिकारी को क्षेत्र में कार्य करते नहीं देखा गया है। इस पर जवाब देते हुए सीएमएचओ बांकाराम पटेल ने कहा कि इन निर्माण कार्यों का जिम्मा जालोर के अधीक्षण अभियंता के अधीन आता है, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इस जवाब को अस्वीकार्य बताते हुए निर्माण कार्यों की जांच की मांग की।

जल जीवन मिशन की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
बैठक में जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए गए। सदस्यों ने बताया कि कई स्थानों पर घटिया क्वालिटी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जो थोड़े समय में ही फूट रही है। इसके बावजूद ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कई गांवों में पाइपलाइन होने के बावजूद घरों तक नलों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सांसद बेनीवाल ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और जहां कहीं भी लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आए, वहां तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए।


बालोतरा में हुई दिशा समिति की यह बैठक केवल योजनाओं की औपचारिक समीक्षा भर नहीं रही, बल्कि इसमें योजनाओं की खामियों, लापरवाह अधिकारियों और जमीन पर न पहुंच रही सुविधाओं पर खुलकर चर्चा हुई। सांसद उम्मेद बेनीवाल की सख्ती और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता यह संकेत दे गई कि अब केवल कागजी
कार्यवाही से काम नहीं चलेगा। अब देखना होगा कि इन सख्त निर्देशों और आलोचनाओं के बाद प्रशासन और अधिकारी किस हद तक जवाबदेह साबित होते हैं और जिले के विकास की गाड़ी कितनी तेजी से पटरी पर लौटती है।
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