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Jaisalmer News: होमगार्ड कर्मी ने पिता की प्रेरणा से शुरू की थी मुहिम, 25 साल में लगाए एक हजार पौधे
Mon, 05 Jun 2023 02:25 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 05 Jun 2023 02:25 PM IST
सार
जैसलमेर के एक बॉर्डर होमगार्ड कर्मी ने अपने पिता की प्रेरणा से 25 साल में एक हजार पौधे लगाए हैं। होमगार्ड कर्मी हाथी सिंह को नौकरी करने के साथ-साथ पौधारोपण का भी जुनून हैं, वो एक हजार पौधों के संरक्षण के अलावा पौधारोपण के प्रति युवाओं तथा ग्रामीणों को प्रेरित भी कर रहे हैं।
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पौोधारोपण करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जैसलमेर जिले में सेरावा गांव के निवासी हाथी सिंह होमगार्ड में नौकरी करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर पौधारोपण भी कर रहे हैं। बचपन में पिता ने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। इसके बाद अपने स्तर पर पौधरोपण की मुहिम शुरू की। 25 साल में एक हजार पौधे लगाए।
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होमगार्ड जवान हाथी सिंह पर्यावरण संरक्षण को लेकर मुहिम चला रहे हैं। गांव में सरकारी, ओरण और गोचर जमीन पर पौधे लगाने के साथ देखभाल का जिम्मा संभाल रहे हैं। इससे प्रेरित होकर गांव के युवा भी इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। इतना ही नहीं हाथी सिंह ने अपने स्तर पर गांव में एक तालाब का निर्माण करवाया। बारिश में तालाब पानी से भर जाने से ग्रामीणों की प्यास बुझती है। गांव ही नहीं आस-पास के क्षेत्र और जिले भर में पौधे लगाने का काम कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि पौधे अब पेड़ बनने से हरियाली छाई है।
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पिता से मिली पौधारोपण की प्रेरणा...
हाथी सिंह ने बताया कि उनके पिता कल्याण सिंह ने उन्हें करीब 25 साल पहले पौधेरोपण की सीख दी थी। इसके साथ ही उन्होंने हरियाली से धरती पर पड़ने वाले अनुकूल प्रभावों को भी बताया था, जिसके बाद हाथी सिंह ने पौधेरोपण कर इस क्षेत्र को हरा भरा बनाने की ठान ली। उसके बाद वे पौधरोपण में जुट गए है।
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गौरतलब है कि लोगों की जागरूकता का ही कारण है कि जैसलमेर में लगातार बढ़ रहे पौधेरोपण के कारण औसत बरसात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पौधरोपण के कारण जैसलमेर की जलवायु में भी बदलाव आ गया है। बदलाव के कारण ही गर्मी, सर्दी व बरसात तीनों मौसम पर इसका असर पड़ा है। जैसलमेर में पहले ज्यादातर सिर्फ गर्मी का ही मौसम रहता था। लेकिन अब सर्दी बढ़ने के साथ ही बरसात का औसत भी लगातार बढ़ ही रहा है।
नौकरी के साथ-साथ पौधारोपण का जुनून...
सेरावा गांव के हाथी सिंह वर्तमान में होमगार्ड में नौकरी करते हैं। अब तक उन्होंने एक हजार से ज्यादा पौधे लगाए हैं। उनका कहना है कि पौधे लगाने से अभी ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन आने वाले समय में यह पौधे जब पेड़ बन जाएंगे, उस समय जैसलमेर को इसका बहुत फायदा मिलेगा। हाथी सिंह ने बड़, पीपल, नीम, खेजड़ी, गुलमोहर और अशोका सहित कई पौधे लगाए हैं।
पौधरोपण करने के बाद संरक्षण का जिम्मा संभाला...
हाथी सिंह ने बताया कि वे सिर्फ पौधे ही नहीं लगाते, बल्कि उस पौधे का पूरा ख्याल रखते हैं। जहां तक संभव हो वे अपने लगाए पौधों को पानी भी पिलाते रहते है। कुछ पौधों को पानी पिलाने का काम उनके सहयोगी भी कर रहे हैं। 25 साल पहले पिता कल्याण सिंह के साथ हाथी सिंह ने जो पहला पौधा लगाया था, वह अब पेड़ बन चुका है।
ग्रामीणों को किया जागरुक...
हाथी सिंह का कहना हैं कि अब अन्य लोग भी साथ दे रहे हैं। हाथी ने पौधेरोपण का अभियान जब शुरू किया, तब वह सिर्फ अकेले थे। लेकिन अब लोगों में भी जागरूकता आ गई है, जिसके बाद अब हाथी सिंह के साथ ग्रामीण भी जुट गए हैं।