Rajasthan: जहां पुलिस पर हुई पत्थरबाजी, वहीं हुआ बुलडोजर एक्शन, चौमू में अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई
चौमू में मस्जिद के बाहर पुलिस पर पथराव की घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की।
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चौमू कस्बे में 25 दिसंबर को हुए विवाद और बवाल के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने इमाम चौक जाने वाले मार्ग और पठानों के मोहल्ले में अवैध रूप से बने निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन की ओर से पहले अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया गया था। तय समय सीमा पूरी होने के बाद नगर परिषद ने भवनों पर निशान लगाए और अब तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत की जा रही है।
गौरतलब है कि 25 दिसंबर को चौमू बस स्टैंड स्थित मस्जिद के बाहर लोहे की रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। हालात बिगड़ने के कारण कस्बे में दो दिन तक इंटरनेट सेवाएं भी बंद करनी पड़ी थीं।
घटना के बाद पुलिस ने पथराव में शामिल आरोपियों के घरों और अवैध बूचड़खानों पर नोटिस चस्पा किए थे। कुल 24 आरोपियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस की अवधि 31 दिसंबर को समाप्त हो चुकी है।
#WATCH जयपुर, राजस्थान: जयपुर वेस्ट के ADCP राजेश गुप्ता ने कहा, "नगर परिषद कार्रवाई कर रही है। अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जा रहा है। अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं...कुछ दिन पहले जिन्होंने उपद्रव किया था, उनके अवैध अतिक्रमण को भी हटाया जा रहा है..." https://t.co/k2ICqnKa1B pic.twitter.com/kVkXYEqC4V
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 2, 2026
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को की जा रही कार्रवाई पूरी तरह नगर परिषद द्वारा अंजाम दी जा रही है, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। जिला प्रशासन की टीमों ने दो दिन पहले ही अवैध निर्माणों की पहचान कर नोटिस जारी किए थे। जिन लोगों ने निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया, वहां बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।