फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   swara bhasker padmaavat jauhar statement aniruddhacharya rahul gandhi manusmriti sanatan dharma

जौहर पर स्वरा भास्कर के बयान से गरमाया विवाद: अनिरुद्धाचार्य बोले- चरित्रवान ही समझ सकेगा, राहुल पर भी बरसे

Fri, 04 Sep 2026 12:11 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जयपुर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Fri, 04 Sep 2026 12:11 PM IST
सार

अभिनेत्री स्वरा भास्कर के फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर दिए बयान को लेकर जारी विवाद पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पद्मावती जैसी महिलाओं के बलिदान और चरित्र को सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि इस बात की गहराई केवल चरित्रवान व्यक्ति ही समझ सकता है।

विज्ञापन
swara bhasker padmaavat jauhar statement aniruddhacharya rahul gandhi manusmriti sanatan dharma
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अभिनेत्री स्वरा भास्कर की फिल्म ‘पद्मावत’ के जौहर सीन को लेकर दिए गए बयान के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गरमा गया है। इस विवाद पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जौहर और नारी के सम्मान से जुड़ी यह इतनी गहरी बात है, जिसे केवल चरित्रवान व्यक्ति ही समझ सकता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति चरित्रवान नहीं है, वह इन बातों की गहराई को समझ भी नहीं सकता। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मनुस्मृति और महिलाओं की उनके पिता, भाई और पति पर निर्भरता को लेकर की गई टिप्पणी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

विज्ञापन

‘पद्मावती जैसी महिलाएं पवित्र नारी थीं’

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि पद्मावती जैसी महिलाएं पवित्र नारी थीं और उन्हें सती कहा जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। इन कहानियों से हमें यह समझना चाहिए कि अगर जीवन से भी अधिक मूल्यवान कोई चीज है, तो वह व्यक्ति का चरित्र है। उन्होंने कहा, “इसलिए जीवन चला जाए लेकिन चरित्र नहीं जाना चाहिए। यह इतनी गहरी बात है कि इसे कोई चरित्रवान व्यक्ति ही समझ सकता है। जो चरित्रवान नहीं है, वह इन बातों को समझेगा भी कैसे? चरित्रवान ही चरित्रवान का सम्मान करेगा।”

विज्ञापन

राहुल गांधी के बयान पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं की उनके पिता, भाई और पति पर निर्भरता को लेकर की गई टिप्पणी पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि राहुल गांधी को दूसरे मुद्दों पर भी बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “राहुल गांधी कभी तीन तलाक के बारे में बोलें? राहुल गांधी कभी बुर्के के बारे में बोलें? राहुल गांधी कभी हलाला के बारे में बोलें? क्या हलाला नारी का सम्मान है? क्या तीन तलाक नारी का सम्मान है?” उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर राहुल गांधी कुछ नहीं बोलते और केवल सनातन को निशाना बनाते हैं। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “सनातन का अपमान और अनादर करते रहते हैं।”

विज्ञापन
विज्ञापन

‘राहुल गांधी को मनुस्मृति थोड़ी पढ़ लेनी चाहिए’

अनिरुद्धाचार्य ने राहुल गांधी को मनुस्मृति पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि इसी ग्रंथ में “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते” लिखा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को केवल बुराई ही देखनी है तो वह बुराई ही देखेगा। उन्होंने कहा, “समाज ने तो माता सीता में भी बुराई ढूंढ ली। यदि आप मनुस्मृति में बुराई ढूंढना चाहें, जब अर्थ का अनर्थ ही करना है आपको, तो फिर अनर्थ करके बुराई ढूंढ लीजिए।” उनके मुताबिक, मनुस्मृति को समझने के लिए उसके संदर्भ और अर्थ को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी ग्रंथ में केवल बुराई तलाशने के बजाय उसके विचारों और संदेश को समझने की कोशिश की जानी चाहिए।

‘अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए’

अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि दुनिया में हर तरह के लोग मौजूद हैं। हर जगह अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग मिलते हैं। उन्होंने संत कबीर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।” उन्होंने कहा कि व्यक्ति को दूसरों में बुराई तलाशने से पहले अपने भीतर झांककर देखना चाहिए। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी का सनातन से कोई लेना-देना नहीं है तो उसे केवल सनातन को निशाना बनाने, अपमानित करने और बदनाम करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

‘सनातन में नारी को भगवान का दर्जा दिया गया’

अनिरुद्धाचार्य ने नारी के सम्मान को लेकर सनातन धर्म का उदाहरण देते हुए कहा कि सनातन में नारी को भगवान का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्गा मां देवी के रूप में विराजमान हैं, जबकि सीता मां राम जी के साथ और राधा जी कृष्ण जी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों में भगवान के साथ भगवती की भी उपस्थिति होती है।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “लेकिन मुसलमानों में अल्लाह को ईश्वर की उपाधि दी गई है पर क्या उनके यहां नारी को ईश्वर की उपाधि है? क्या ईसाइयों में नारी को भगवान की उपमा या उपाधि दी गई है? नहीं।” अनिरुद्धाचार्य ने दावा किया कि नारी का इतना सम्मान केवल सनातन में है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कोई यह समझाए कि नारी का सम्मान सनातन धर्म में है।

‘मनुस्मृति पढ़ोगे तो धर्म का ज्ञान होगा’

मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवी-देवताओं का वास होता है और सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने राहुल गांधी से मनुस्मृति को थोड़ा पढ़ने की अपील करते हुए कहा कि अगर उन्हें मनुस्मृति समझ में नहीं आती तो उन्हें इसमें क्यों पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “मनुस्मृति पढ़ोगे तो धर्म का ज्ञान होगा कि हमें कैसे चलना चाहिए, धर्म के अनुसार कैसे जीवन जीना चाहिए।”

अनिरुद्धाचार्य ने यह भी कहा कि किसी पर जबरदस्ती कोई बात थोपने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “कोई जबरदस्ती थोड़ी कह रहा है कि नहीं, आप यह बात मान ही लीजिए। जो अच्छी लगे, मान लो। नहीं लगे तो छोड़ दो। इसमें बुराई ही क्या है।”


स्वरा भास्कर के ‘पद्मावत’ के जौहर सीन पर दिए गए बयान से शुरू हुए विवाद के बीच अनिरुद्धाचार्य की इस प्रतिक्रिया में जहां उन्होंने नारी के सम्मान और चरित्र को लेकर अपनी बात रखी, वहीं मनुस्मृति और सनातन धर्म को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर भी सवाल उठाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed