{"_id":"6833d1b156ba701f19053dac","slug":"si-paper-leak-case-gov-deadline-to-take-decision-on-si-recruitment-is-over-important-hearing-in-hc-today-2025-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"SI Paper leak case: एसआई भर्ती पर फैसला लेने के लिए सरकार की डेड लाइन खत्म, आज हाईकोर्ट में होगी अहम सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
SI Paper leak case: एसआई भर्ती पर फैसला लेने के लिए सरकार की डेड लाइन खत्म, आज हाईकोर्ट में होगी अहम सुनवाई
Mon, 26 May 2025 08:13 AM IST
सौरभ भट्ट
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सौरभ भट्ट
Updated Mon, 26 May 2025 08:13 AM IST
सार
राजस्थान में एसआई भर्ती 2021 परीक्षा को आज राजस्थान हाईकोर्ट में अहम सुनवाई है। सरकार ने भर्ती को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। कोर्ट ने भर्ती को लेकर सरकार को निर्णय लेने की जो समय सीमा दी थी, वह भी पूरी हो गई है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान में आज का दिन बेहद अहम है। पेपर लीक में फंसी एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट जस्टिस समीर जैन ने इस मामले में सुनवाई की तारीख 26 मई देते हुए चेतावनी दी थी कि सरकार ने इससे पहले एसआई भर्ती पर निर्णय नहीं लिया तो परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
20 की बैठक में कोई फैसला नहीं
इसके बाद सरकार की तरफ से एसआई भर्ती को लेकर गठित कैबिनेट सब कमेटी ने 20 मई को बैठक बुलाई। कमेटी के कंवीनर और कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया था कि सब कमेटी पहले ही इस मामले में अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी थी लेकिन जांच एजेंसियों और गृह विभाग ने इस मामले में और तथ्यात्मक विवरण इकट्ठे किए। इसलिए सरकार के निर्देश पर सब कमेटी ने इन रिपोर्ट्स का एक बार फिर से परीक्षण किया है। उन्होंने यह भी बताया था कि कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को फिर से भेजने जा रही है। जरूरत पड़ी तो कमेटी एक बैठक और बुला सकती है लेकिन अंतिम फैसला सरकार को लेना है।
हाईकोर्ट में सुनवाई आज
एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक मामले पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। जस्टिस समीर जैन ने इस मामले में सुनवाई की तारीख 26 मई देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि निर्णय नहीं हुआ तो परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि इस भर्ती को लेकर पेपर लीक का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिसमें दावा किया गया था कि पेपर लीक से करीब 8 लाख अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है लेकिन चयनित अभ्यर्थियों के परिजन इस तर्क को पूरी तरह भ्रामक बता रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि 8 लाख ने आवेदन जरूर किया था, मगर 4.25 लाख अभ्यर्थी तो परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। असल में सिर्फ 3.83 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे और इनमें से सिर्फ 20 हजार ही फिजिकल और इंटरव्यू तक पहुंचे।
चयनित अभ्यर्थियों की दलील है कि 859 में से 436 अभ्यर्थी पहले से सरकारी सेवा में थे। इनमें से 236 ने प्रोबेशन पूरा होने से पहले ही नौकरी छोड़ दी। 40 ने केंद्रीय सेवाएं तक त्याग दीं, जबकि 135 तो दो या अधिक जगह चयनित होने के बावजूद एसआई पद को चुना, ऐसे में इनकी योग्यता को झूठे आरोपों के आधार पर दरकिनार करना अन्याय होगा।
विज्ञापन
20 की बैठक में कोई फैसला नहीं
इसके बाद सरकार की तरफ से एसआई भर्ती को लेकर गठित कैबिनेट सब कमेटी ने 20 मई को बैठक बुलाई। कमेटी के कंवीनर और कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया था कि सब कमेटी पहले ही इस मामले में अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी थी लेकिन जांच एजेंसियों और गृह विभाग ने इस मामले में और तथ्यात्मक विवरण इकट्ठे किए। इसलिए सरकार के निर्देश पर सब कमेटी ने इन रिपोर्ट्स का एक बार फिर से परीक्षण किया है। उन्होंने यह भी बताया था कि कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को फिर से भेजने जा रही है। जरूरत पड़ी तो कमेटी एक बैठक और बुला सकती है लेकिन अंतिम फैसला सरकार को लेना है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में सुनवाई आज
एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक मामले पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। जस्टिस समीर जैन ने इस मामले में सुनवाई की तारीख 26 मई देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि निर्णय नहीं हुआ तो परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि इस भर्ती को लेकर पेपर लीक का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिसमें दावा किया गया था कि पेपर लीक से करीब 8 लाख अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है लेकिन चयनित अभ्यर्थियों के परिजन इस तर्क को पूरी तरह भ्रामक बता रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि 8 लाख ने आवेदन जरूर किया था, मगर 4.25 लाख अभ्यर्थी तो परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। असल में सिर्फ 3.83 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे और इनमें से सिर्फ 20 हजार ही फिजिकल और इंटरव्यू तक पहुंचे।
चयनित अभ्यर्थियों की दलील है कि 859 में से 436 अभ्यर्थी पहले से सरकारी सेवा में थे। इनमें से 236 ने प्रोबेशन पूरा होने से पहले ही नौकरी छोड़ दी। 40 ने केंद्रीय सेवाएं तक त्याग दीं, जबकि 135 तो दो या अधिक जगह चयनित होने के बावजूद एसआई पद को चुना, ऐसे में इनकी योग्यता को झूठे आरोपों के आधार पर दरकिनार करना अन्याय होगा।