{"_id":"68d2b363baa1ee988f09b2b2","slug":"satish-poonia-slams-ashok-gehlot-says-he-feels-politically-insecure-jaipur-news-c-1-1-noi1422-3439212-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaipur News: सतीश पूनिया के तीखे तेवर, बोले- विपक्ष का धर्म भूल गए हैं गहलोत, जरूरत पड़ी तो कोचिंग दूंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaipur News: सतीश पूनिया के तीखे तेवर, बोले- विपक्ष का धर्म भूल गए हैं गहलोत, जरूरत पड़ी तो कोचिंग दूंगा
Tue, 23 Sep 2025 08:53 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Sep 2025 08:53 PM IST
सार
भाजपा नेता सतीश पूनिया ने अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोला। कहा कि गहलोत विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल रहे हैं और सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। पूनिया ने गहलोत के कार्यकाल को विफलताओं से भरा बताया।
विज्ञापन
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया भाजपा मुख्यालय मे प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि गहलोत राजनीतिक असुरक्षा महसूस कर रहे हैं और विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। पूनिया ने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत अगर चाहें तो उन्हें विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए वे कोचिंग देने को तैयार हैं।
पूनिया ने कहा कि गहलोत आजकल बिना सिर-पैर के बयान दे रहे हैं। इतने बड़े कद के नेता होकर अगर वे इस तरह की बयानबाजी करेंगे तो यह समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत एक सामान्य परिवार से आए व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और मुख्यमंत्री की कुर्सी को अपना मौलिक अधिकार समझते हैं।
भाजपा नेता ने गहलोत के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए कहा कि 2018 से 2023 के दौरान राजस्थान अपराध, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मामलों में देशभर में बदनाम हुआ। पूनिया के मुताबिक उस समय रोजाना 17 दुष्कर्म और 8 हत्याएं होती थीं। महिला अपराध और बच्चों की तस्करी के मामलों में राजस्थान देश में नंबर वन बन गया था। यहां तक कि शांतिप्रिय प्रदेश में 10 प्रतिशत अधिक सांप्रदायिक दंगे गहलोत के कार्यकाल में हुए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Jaipur News: सफल होने के लिए गहलोत का मुख्यमंत्री को सुझाव, प्रधानमंत्री मोदी से दो बड़ी मांगें
कोरोना काल का जिक्र करते हुए पूनिया ने कहा कि जब रोजाना 162 मौतें हो रही थीं, उस समय गहलोत सरकार बाड़े में बंद होकर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर राजद्रोह जैसे मुकदमे दर्ज करवा रही थी। उन्होंने कहा कि गहलोत की प्रेस वार्ता महज दिखावा है और उनके बयान सिर्फ अखबारों की सुर्खियों तक सीमित हैं।
कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर भी पूनिया ने गहलोत को घेरा और कहा कि यह अपराध उनके शासनकाल में ही हुआ था। कन्हैयालाल ने बार-बार पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही की वजह से अपराधियों ने जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पूनिया ने कहा कि अपराधियों को जनता ने पकड़ा और अब मामला एनआईए में है, न्यायपालिका की प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
अंत में पूनिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सत्ता से बाहर होते ही बेतुकी बयानबाजी करने लगती है। गहलोत की मौजूदा राजनीति भी इसी प्रवृत्ति का हिस्सा है, जहां वे मुद्दों पर काम करने के बजाय केवल अपनी पार्टी को सुर्खियों में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
पूनिया ने कहा कि गहलोत आजकल बिना सिर-पैर के बयान दे रहे हैं। इतने बड़े कद के नेता होकर अगर वे इस तरह की बयानबाजी करेंगे तो यह समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत एक सामान्य परिवार से आए व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और मुख्यमंत्री की कुर्सी को अपना मौलिक अधिकार समझते हैं।
विज्ञापन
भाजपा नेता ने गहलोत के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए कहा कि 2018 से 2023 के दौरान राजस्थान अपराध, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मामलों में देशभर में बदनाम हुआ। पूनिया के मुताबिक उस समय रोजाना 17 दुष्कर्म और 8 हत्याएं होती थीं। महिला अपराध और बच्चों की तस्करी के मामलों में राजस्थान देश में नंबर वन बन गया था। यहां तक कि शांतिप्रिय प्रदेश में 10 प्रतिशत अधिक सांप्रदायिक दंगे गहलोत के कार्यकाल में हुए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Jaipur News: सफल होने के लिए गहलोत का मुख्यमंत्री को सुझाव, प्रधानमंत्री मोदी से दो बड़ी मांगें
कोरोना काल का जिक्र करते हुए पूनिया ने कहा कि जब रोजाना 162 मौतें हो रही थीं, उस समय गहलोत सरकार बाड़े में बंद होकर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर राजद्रोह जैसे मुकदमे दर्ज करवा रही थी। उन्होंने कहा कि गहलोत की प्रेस वार्ता महज दिखावा है और उनके बयान सिर्फ अखबारों की सुर्खियों तक सीमित हैं।
कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर भी पूनिया ने गहलोत को घेरा और कहा कि यह अपराध उनके शासनकाल में ही हुआ था। कन्हैयालाल ने बार-बार पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही की वजह से अपराधियों ने जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पूनिया ने कहा कि अपराधियों को जनता ने पकड़ा और अब मामला एनआईए में है, न्यायपालिका की प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
अंत में पूनिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सत्ता से बाहर होते ही बेतुकी बयानबाजी करने लगती है। गहलोत की मौजूदा राजनीति भी इसी प्रवृत्ति का हिस्सा है, जहां वे मुद्दों पर काम करने के बजाय केवल अपनी पार्टी को सुर्खियों में बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।