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सरकारी नौकरी के लिए नौ लाख का सौदा: परीक्षा में बदला अभ्यर्थी; संगणक भर्ती का फर्जीवाड़ा उजागर

Sat, 03 Oct 2026 09:46 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Sat, 03 Oct 2026 09:46 AM IST
सार

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की संगणक भर्ती परीक्षा-2021 में मूल अभ्यर्थी की जगह डमी परीक्षार्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने का मामला सामने आया है। एसओजी की जांच में पता चला कि टोंक निवासी हेमंत मीणा की जगह जालोर के नरेश विश्नोई ने परीक्षा दी थी।

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Sanganak Recruitment Scam Exposed nine Lakh Deal and Dummy Candidate Busted for Government Job
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की संगणक भर्ती परीक्षा-2021 में मूल अभ्यर्थी के स्थान पर डमी परीक्षार्थी बिठाकर परीक्षा दिलाने के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विशेष अभियान समूह (एसओजी) की जांच में सामने आया है कि टोंक जिले के निवासी मूल अभ्यर्थी हेमंत मीणा की जगह जालोर के नरेश विश्नोई ने परीक्षा दी थी। परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी को बिठाने के लिए एक दलाल के जरिए नौ लाख रुपये में सौदा तय किया गया था।
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दलाल की गिरफ्तारी से हुआ पर्दाफाश
यह मामला वर्ष 2024 में दर्ज डिस्कॉम भर्ती परीक्षा से जुड़े फर्जीवाड़े की पड़ताल के दौरान सामने आया। एसओजी ने डिस्कॉम भर्ती मामले में देवली, टोंक निवासी दलाल हनुमान प्रसाद मीणा को गिरफ्तार किया था। आरोपी दलाल से गहन पूछताछ के दौरान उसने डिस्कॉम भर्ती में चार अभ्यर्थियों की जगह फर्जी परीक्षार्थी बिठाने का जुर्म कबूल किया। इसके साथ ही उसने अन्य सरकारी भर्तियों में भी डमी अभ्यर्थी बिठाने की बात स्वीकार की। दलाल हनुमान ने बताया कि उसने संगणक भर्ती परीक्षा-2021 में हेमंत मीणा को पास कराने के लिए नौ लाख रुपये में सौदा किया था।
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सात लाख रुपये में डमी तैयार
दलाल हनुमान प्रसाद मीणा की जयपुर में प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग के दौरान जालोर निवासी नरेश विश्नोई से मुलाकात हुई थी। नरेश पढ़ाई में काफी होशियार था, इसलिए दलाल ने उसे कुल तीन भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी के रूप में बिठाया। संगणक भर्ती परीक्षा के लिए दलाल ने मूल अभ्यर्थी हेमंत से नौ लाख रुपये हासिल किए थे, जबकि डमी बने नरेश को सात लाख रुपये दिए गए। नरेश को यह रकम रिद्धि-सिद्धि के पास दो लाख रुपये और पांच लाख रुपये की दो किस्तों में दी गई थी।
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फोरेंसिक रिपोर्ट ने की पुष्टि
पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर एसओजी ने कर्मचारी चयन बोर्ड से हेमंत मीणा का मूल आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, विस्तृत आवेदन, परीक्षा केंद्र की उपस्थिति शीट और ओएमआर शीट प्राप्त की। इन दस्तावेजों का परस्पर मिलान करने पर आवेदक के हस्ताक्षर, लिखावट और फोटो में बड़ा अंतर सामने आया। इसके बाद दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि 19 दिसंबर 2021 को आयोजित परीक्षा में कोटा के नयापुरा सिविल लाइंस स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर रोल नंबर 732484 पर हेमंत नहीं, बल्कि नरेश विश्नोई बैठा था। फर्जीवाड़े से चयन पाकर हेमंत वर्तमान में बूंदी के हिंडोली में कंप्यूटर संगणक के रूप में कार्यरत है।
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